अनन्तराम चौबे अनन्त – गणतंत्र दिवस, संविधान– साप्ताहिक प्रतियोगिताt

पावन छब्बीस जनवरी, संविधान का तंत्र ।
दिवस आज है स्थापना, शुरू हुआ गणतंत्र।1।
बापू, नेहरू अब बने ,जनता के करतार,
संविधान लागू हुआ, शुरू हुआ जनतंत्र।2।
शास्त्री, नेहरू, इंदिरा ,बने राष्ट्र। निर्माता,
आगे देश बढ़ गया ,धन्य प्रजा का तंत्र ।3।
वल्लभ भाई पटेल ने, किया राष्ट्र को एक ,
हुआ राज्यों का विलय, भारत हुआ स्वतंत्र ।4।
भारत देश महान है, संविधान है धन्य,
भारत हो अब विश्व गुरु, रहे “प्रेम” का तंत्र ।5।