अनन्तराम चौबे अनन्त – नव वर्ष – साप्ताहिक प्रतियोगिता

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पुराना गया नया आया है नव वर्ष का स्वागत है । करें विदाई पुराने वर्ष की नव वर्ष अब आया है । खट्टे मीठे अनुभव देखें मंहगाई की मार भी झेले । प्याज के दाम ने कमर तोड़ दी मंहगाई के भी देखें झमेले । चुनाव हुए सत्ता भी बदली कोई जीते और कोई हारे । पांच साल सत्ता के सुख से अपने घर भर लिये हैं सारे । कहीं पर बाढ़ ने कहर ढाया कहीं पर सूखा पड़ गया भारी । किसान और गरीबों की न पूछो हो रही है देखो मारा मारी । किसी तरह साल ये गुजरा नया साल अब आया है । स्वागत करें नये साल का सुन्दर सपना साथ लाया है । नव वर्ष का स्वागत करते नमन वंदन अभिनंदन करते हैं । बीत गया जो सपना समझकर बीते कल को भूल जाते हैं । बीते की करें विदाई नव वर्ष का स्वागत है । गुजर गया उसे भूल जाए करें सभी को अवगत हैं । स्वागत स्वागत स्वागतम है नव वर्ष का अभिनंदन है । मिलकर इसका करते स्वागत नव वर्ष का नमन वंदन है । खुशियों के साथ बहार लायेगा नव वर्ष जो अभी आयेगा । दीप जलाये खुशी मनाये नव वर्ष का ये पर्व आयेगा ।


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