अनन्तराम चौबे – मकरसंक्रांति – साप्ताहिक प्रतियोगिता

खेतो का खलियानों का ये देश है वीर जवानो का । मिट्टी की सौदीं खुशबू में देश है सच्चे किसानो का । हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सब मिलकर रहते भाई भाई सभी धर्मो की पूजा करते गुरूद्वारे में माथा टेकते । मस्जिद मे नमाज है पढते । मंदिरो में सब पूजा करते चर्च में जाते प्रार्थना करते । सभी धर्मो का आदर करते । रक्षाबन्धन दशहरा दीवाली मिलकर खेलें रंगो की होली । ईद मुवारक मिलकर करते क्रिसमस में भी खुशी मनाते । देश के वीर जवानो को जय जवान जय किसान के नारो से उत्साहित करते । सदा नमन हम उनका करते कोई जवान शहीद जब होते शरहद की जो रखा करते । जान हथेली पर जो रखते । हमेशा मुस्तैनी से हैं रहते । ठंडी गर्मी या बरसात हो मौसम चाहे जो भी हो अपने घरो में रहकर भी हम सुख चैन की नींद से सोते हैं। सीमाओं में हर मौसम में देश के वीर जवान हमेशा दुश्मन पर है नजर वो रखते । देश की रक्षा हमेशा करते । देशभक्ति के इस जज्वे को सदा ही नमन हम करते हैं । देश के वीर जवानो को । शत शत नमन हम करते हैं ।