आखिरी गेंद और जीत के लिए 5 रन, बॉलर सरकार को शाकिब ने दिया था ये मंत्र!

भारतीय टीम को आखिरी गेंद पर पांच रनों की जरूरत थी और ऐसे में शाकिब ने आखिरी गेंद पर सौम्य सरकार को शांत रहकर गेंद फेंकने से पहले पूरा समय लेने की सलाह दी. इसी गेंद पर दिनेश ने छक्का मारने के साथ ही बांग्लादेश की जीत की आशाओं पर पानी फेर दिया.

शाकिब ने मैच के बाद कहा, ‘मैंने सरकार से कुछ खास नहीं कहा था. गेंदबाज को इतना ज्यादा समझाना सही नहीं है. मैंने उन्हें केवल आराम से समय लेने के लिए कहा. कभी-कभी आप गेंद फेंकने के दौरान लय खो बैठते हैं और उससे नुकसान होता है. उन्होंने तीन ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की.’

निदहास ट्रॉफी फाइनल मैच में बांग्लादेश को मिली हार के बाद तेज गेंदबाज रुबेल हुसैन की नींद उड़ गई है. भारत के खिलाफ मिली हार का जिम्मेदार रुबेल खुद को मान रहे हैं और इसके लिए वह प्रशंसकों से माफी चाहते हैं.

रुबेल का मानना है कि 19वें ओवर में अपनी गेंदबाजी से भारतीय खिलाड़ियों को दिए 22 रन ही बांग्लादेश की हार के लिए जिम्मेदार हैं, जिसके कारण भारत उनके पंजों से जीत को छीन कर ले गया.

बांग्लादेश समाचार पत्र ‘प्रोथोम आलो’ को दिए एक बयान में रुबेल ने कहा, मैं इस हार के बाद बेहद खराब महसूस कर रहा हूं. मैंने नहीं सोचा था कि इस हार का कारण मैं बनूंगा. हम फाइनल में जीत के इतने करीब थे, लेकिन मेरी वजह से हम मैच हार गए. मैं प्रशंसकों से इस हार की माफी चाहता हूं.’

 विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (29 रन, 8 गेंद, 2 चौके, 3 छक्के) की आतिशी पारी के दम पर भारत ने बांग्लादेश से मिले 167 रनों के लक्ष्य को हासिल कर निदहास ट्रॉफी अपने नाम की.

भारत 18वें ओवर की समाप्ति तक पांच विकेट पर केवल 133 रन बना पाया था, जब कार्तिक बल्लेबाजी करने उतरे. उन्होंने रुबेल की गेंदों पर दो छक्के और एक चौक्का लगाने के साथ ही यह दर्शा दिया कि वह भारतीय टीम को हारने नहीं देंगे.

इसके बाद 19वें ओवर की अगली तीन गेंदों पर कार्तिक ने छह रन हासिल किए. भारत को आखिरी ओवर में 12 रनों की जरूरत थी.पांच गेंदों के समाप्त होने के बाद आखिरी गेंद दोनों टीमों के लिए रोमांचक हो गई. इसमें भारत को जीत के लिए एक गेंद पर पांच रनों की जरूरत थी, जिसे कार्तिक ने सौम्य सरकार की ओर से फेंकी गई गेंद पर छक्का मारने के साथ ही हासिल कर अपनी टीम को जीत दिलाई.