आरक्षण के खिलाफ सोशल मीडिया का भारत बंद, जानें कहां कैसा रहा असर

जाति आधारित आरक्षण के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘भारत बंद’ से देश के कई हिस्सों में जन-जीवन प्रभावित हुआ. ‘भारत बंद’ का सर्वाधिक असर बिहार और ओडिशा के कुछ इलाकों में देखने को मिला. वहीं पंजाब से दो गुटों में झड़प की खबर आई.

बिहार में मिला-जुला असर

आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर मंगलवार को सोशल मीडिया द्वारा बुलाए गए एकदिवसीय भारत बंद का बिहार में मिलाजुला असर दिखा. कुछ क्षेत्रों में बंद समर्थकों द्वारा सड़क मार्ग अवरुद्घ कर देने से आवागमन पर प्रतिकूल असर दिख रहा है. इस बंद को देखते हुए राज्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं. दरभंगा, जहानाबाद, बेगूसराय में भी बंद समर्थक सड़कों पर उतरे और टायर जलाकर मार्ग को अवरुद्घ किया. सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर टोल प्लाजा के पास भी बंद समर्थक सड़क पर उतरे और सड़क जाम किया. पटना के भी कई क्षेत्रों में मार्ग जाम किया गया.

इसके अलावा पटना-कोलकाता रेलखंड का परिचालन ठप हो गया. प्रदर्शनकारियों ने बरौनी पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया. कई लोग रेल पटरी पर बैठकर ही प्रदर्शन करने लगे. दरभंगा की ललित नारायण मिश्रा यूनिवर्सिटी ने अपने बीए के पेपर को टाल दिया है. इसके अलावा कई प्राइवेट स्कूलों को भी बंद किया गया. बिहार के मुजफ्फरपुर में हिंसा के दौरान लोगों ने तीन राउंड फायरिंग की. समर्थकों ने पुलिस और मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी भी की. बंद के दौरान हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा जाम में फंस गए. बंद समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री से बदसलूकी भी की गई. ये घटना हाजीपुर के शुभाई की है.

ओडिशा में भारत बंद का असर

ओडिशा में आरक्षण के विरोध में किए गए ‘भारत बंद’ के कारण कई जिलों में शिक्षण संस्थान, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. सड़कों पर बसों के न उतरने और प्रदर्शनकारियों द्वारा कई स्थानों पर रेलगाड़ियां रोके जाने के कारण परिवहन व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा. पुलिस ने बताया कि नुआपाड़ा जिले के खरियार ब्लॉक में आरक्षण विरोधियों और समर्थकों का आमना-सामना होने से कुछ देर तनाव रहा. बंद को देखते हुए बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मंगलवार को 88 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली 55 विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं आगे बढ़ा दीं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ये परीक्षाएं अब 12-20 अप्रैल के बीच होंगी.

यूपी में बंद का असर नहीं

उत्तर प्रदेश में मंगलवार को जनजीवन सामान्य रहा. राज्य के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. लखनऊ में कारोबारियों ने दुकानें खोलीं और वाहनों का आवागमन सामान्य रहा. सरकारी और निजी कार्यालय तथा स्कूल भी बिना किसी बाधा के खुले. केन्द्र सरकार ने कल सभी राज्यों को सलाह दी थी कि वे भारत बंद के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम करें और किसी भी हिंसक घटना को होने से रोकें. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा कि हिंसा के लिए संबद्ध जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे.

MP के भिंड-मुरैना में कर्फ्यू

मंगलवार को भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. भिंड-मुरैना के कई क्षेत्रों में सोमवार रात से ही कर्फ्यू लगा दिया गया था, वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित अन्य कई जिलों में निषेधाज्ञा धारा 144 लागू किए जाने के साथ कुछ स्थानों पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. मध्य प्रदेश में भारी पुलिस बल, रेपिड एक्शन फोर्स, होमगार्ड, रेलवे पुलिस की जगह-जगह तैनाती की गई.

पैरामिलिट्री फोर्स की 6 कंपनियों को तैनात किया गया. ग्वालियर में उपद्रवियों से निपटने के लिए 2 हज़ार से ज्यादा पुलिस बलों को तैनात किया गया. वहीं सागर में किसी भी तरह के धरने, रैली और जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया.

पंजाब: दो गुटों में हिंसक झड़प

पंजाब के फिरोजपुर में भारत बंद के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई. दुकान बंद करवाने के दौरान लोगों ने मोटरसाइकिल पर पथराव किया. इस दौरान लोगों ने तलवारों से हमला किया, जिसमें दो घायल गए. जिनका इलाज चल रहा है. इसके अलावा राज्य के दूसरों हिस्सों से किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं आई.

भारत बंद को लेकर केंद्र सतर्क

केंद्र सरकार ने मंगलवार को बुलाए गए भारत बंद के दौरान कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 30 कंपनियां विभिन्न राज्यों में भेजी. गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि इन कंपनियों में से 14 को उत्तर प्रदेश, आठ को राजस्थान व चार-चार को मध्य प्रदेश व बिहार भेजा गया है. आरक्षण नीति के खिलाफ बुलाए गए बंद के दौरान किसी भी अवांछित स्थिति को रोकने के लिए इन कंपनियों को भेजा गया है.