इंजीनियर बनने का है सपना? तो नौकरी अपनी रिस्क पर…

कुछ सालों पहले हर कोई इंजीनियर बनने के लिए भाग रहा था. छोटे-छोटे शहरों में इंजीनियरिंग कॉलेज की संख्या में काफी इजाफा हुआ और आज उन कॉलेज के क्लासरूम स्टूडेंट्स का इंतजार कर रहे हैं. कई कॉलेज बंद हो गए हैं तो कई कॉलेज बड़ी मुश्किल से खुद को जिंदा रखे हुए है. इसका कारण है इंजीनियरिंग सेक्टर में गिरता नौकरी का ग्राफ. पिछले कुछ सालों इंजीनियरिंग किए हुए छात्र नौकरी के लिए तरस रहे हैं और नौकरी ना मिलने की वजह से दूसरे सेक्टर की ओर रूख कर रहे हैं.

नौकरियों में हो रही है गिरावट

हाल ही में सामने आई एक रिसर्च के अनुसार पहले आईटी कंपनियां लगातार हर राज्य की कॉलेज से छात्रों को नौकरी दे रही थीं, लेकिन अब आईटी क्षेत्रों की इन नौकरियों में 30-40 फीसदी तक कमी आ गई है. इतना ही नहीं नौकरी कम होने के साथ ही औसत वेतन पैकेज में भी कमी आ रही है और इस पैकेज की स्थिरता में 30 फीसदी तक गिरावट देखी गई है. अब उम्मीदवारों का सालाना वेतन पैकेज भी 3-4.2 लाख रुपये से गिरकर 1.5-2.8 लाख रुपये पर आ गया है.