इंदिरा कुमारी – नव वर्ष – साप्ताहिक प्रतियोगिता

हो अलविदा गति नियम संग वर्ष पुनः नव आगतम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम् । स्वागत करे धरती गगन मंद मंद बहे पवन कली कली भ्रमर संग बन पुष्प पुष्प सुगन्धितम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम्। भर उड़ान खग काफिला कुहू कुहू कोकिला हो मगन संग संग गीत मधुर गायकम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम्। उठें कृषक ले हल कुदाल हल-बैल संग हो निहाल हो हरित खेत फसल संग पौध-पौध फलदायकम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम्। करें न कूड़े कचरे प्रवाहित कि सरिता जल हो प्रदूषित हो निर्मल जल जलीय जीव संग कि जल बने अमृतम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम्। रखें स्वच्छ पर्यावरण प्रकृति व वातावरण धरा हरा भरा संग प्राणवायु शुद्धतम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम्। करें सबमिल उद्यमिता जीवित रहे मानवता हो विकास सबका साथ संग शांति सुख समृद्धम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम् हे नववर्ष तुम्हारा स्वागतम्।