>इच्छा मृत्यु लेकिन किसकी इच्छा..??

>सर्वोच्च न्यायालय ने लेखिका पिंकी वीरानी की यह अर्ज़ी नामंज़ूर कर दी कि अरुणा की हालत को देखते हुए उनकी मौत की अनुमति दी जाए.यह एक ऐसा मामला है जिस पर लोग बोलने से कतराते हैं…??
ज़रूरत है एक राष्ट्रव्यापी बहस की जिसमें सबको अपनी राय रखने का मौक़ा मिले..??
salma zaidi or hum sab ki yahi aawaz hai ..