इराक से भारत लाने के लिए विमान में रखे गए 38 भारतीयों के अवशेष, वीके सिंह ने दिया ताबूतों को सहारा

नई दिल्ली. विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह सोमवार को इराक से 38 भारतीयों के अवशेषों को भारत लेकर आएंगे। इराक के मोसुल में आईएस ने 39 भारतीयों की हत्या कर दी थी, लेकिन एक का डीएनए पूरी तरह से मैच नहीं करने के चलते वहां से क्लीयरेंस नहीं मिली है। इन भारतीयों के मारे जाने की आशंका जून 2014 में जताई गई थी। लेकिन, इसकी पुष्टि हाल ही में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में की थी। 20 मार्च को सुषमा ने संसद में 39 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि की थी। ये भी कहा था, “हम चाहते थे कि हर तरफ से हम संतुष्ट हो जाएं कि ऐसी कोई अनहोनी हुई है।”

इराक के लिए कब रवाना हुए थे वीके सिंह?
– 1 अप्रैल को। इराक जाते वक्त उन्होंने कहा था, “वहां से आने के बाद पहले अमृतसर, फिर कोलकाता और फिर पटना जाकर उनके परिजनों को शव सौंपूंगा। इस बारे में मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।”

किस जगह से भारत आएंगे अवशेष?
– अवशेषों को बगदाद एयरपोर्ट से भारत लाया जाएगा। इराक में भारतीय राजदूत प्रदीप राजपुरोहित ने बताया कि अवशेषों को रविवार को ही भारतीय अफसरों को सौंप दिया गया है।

किस विमान से लाया जाएगा?
– भारतीयों के अवशेष लाने बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर से लाए जा रहे हैं। बता दें कि बोइंग सी-17 एक बड़ा मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है।

केस पेंडिंग होने से एक शख्स के अवशेष नहीं मिलेंगे
– सिंह ने कहा था, “हमें एक आदमी का शव केस पेंडिंग होने की वजह से नहीं मिलेगा। हम उसके परिवार को सबूतों के साथ ताबूत सौंप देंगे, जिससे उन्हें कोई शंका न रहे। मैं मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं।”

वीके सिंह ने बदूश में डाला था डेरा
– इराक के मोसुल शहर से पिछले साल आईएसआईएस का सफाया हो गया था। इसका एलान होने के अगले ही दिन वीके सिंह मोसुल गए। उन्होंने वहां भारतीयों का पता लगाने की कोशिश की। यहां कोई कामयाबी नहीं मिली।
– इसके बाद एक शख्स ने वीके सिंह को बताया कि बदूश शहर में एक टीले में बहुत से शव दफनाए गए हैं। इसके बाद भारत के राजदूत और वीके सिंह ने बदूश में डेरा डाल दिया। सिंह और उनके अफसर बदूश के एक खंडहरनुमा मकान में रुके। वे वहां जमीन पर सोते थे।

रडार से हुई थी खोज
– सुषमा स्वराज ने संसद और बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- “जब हमें ये पता लगा कि टीले में कुछ शव हैं तो हमने इराक सरकार के साथ मिलकर डीप पेनिट्रेशन रडार से सच्चाई का पता लगाने का फैसला किया।”
– “जब ये पुख्ता हो गया कि इसमें शव हैं तो हमने उसकी खुदाई करवाई। जो शव मिले उन सभी का डीएनए टेस्ट कराया गया। 98 से 100% तक सैंपल मैच हो गए तो हमने संसद में इसकी जानकारी देना उचित समझा।”