इस शख्स ने कभी चलाई थी सुषमा स्वराज की गाड़ी, आज कर्नाटक के सीएम को दे रहे चुनौती

कर्नाटक के 46 वर्षीय बीजेपी नेता बोया श्रीरामुलू 1999 के लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान बेल्लारी क्षेत्र में दौरा करतीं सुषमा स्वराज की गाड़ी ड्राइव करते दिखे थे. इस बहुचर्चित चुनाव में सुषमा के सामने कांग्रेस से खड़ी थीं स्वयं तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी. आज श्रीरामुलू कर्नाटक के एक बड़े नेता बन गए हैं और राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सामने खड़े हैं.

राज्य में 12 मई को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. श्रीरामुलू के अब पार्टी में कद का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके परिवार के तीन सदस्यों और उनके करीबी मित्र खनन दिग्गज जी. जर्नादन रेड्डी के परिवार के तीन लोगों को टिकट दिया गया है. यह हाल तब है जब राज्य में बीजेपी के सीएम चेहरा बीएस येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र और उनकी करीबी शोभा करंदलाजे को टिकट नहीं मिल पाया है.

श्रीरामुलू के बेल्लारी में रहने वाले एक पुराने दोस्त ने अखबार को बताया कि बीजेपी में उनके सितारे अचानक ही बुलंद हुए हैं. उस दोस्त ने बताया, ‘उन्होंने अचानक अपने को डिप्टी सीएम कैंडिडेट की तरह पेश करना शुरू किया और अपनी लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. हमें लगता है कि उनके सितारे अचानक बुलंद होने के पीछे जर्नादन रेड्डी ही हैं.’

आज कर्नाटक की राजनीति में श्रीरामुलू और जर्नादन रेड्डी एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं. उनकी गहरी दोस्ती की मिसालें दी जाती हैं. रेड्डी ने एक बार कहा था कि श्रीरामुलू उनके भाइयों से भी बढ़कर हैं. रेड्डी ने कहा था कि श्रीरामुलू में एक जननेता बनने के पूरे गुण हैं. श्रीरामुलू अनुसूचित जनजाति से आते हैं. उनकी रंगीन, तड़क-भड़क वाली लाइफस्टाइल, संपन्नता और इसके बावजूद विनम्रता की वजह से लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं. वह उस शिकारी समुदाय से आते हैं जिसे बेडा, जेडा या वाल्मीकि कहते हैं. इस समुदाय का राज्य में काफी बड़ा वोट बैंक है.

सीएम सिद्धारमैया बादामी सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं और उनके सामने बीजेपी ने श्रीरामुलू को चुनावी मैदान में उतारा है. राज्य की दलित राजनीति को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खड़गे को आगे रखा है, तो इसका मुकाबला करने के लिए भाजपा ने बी श्रीरामुलू को आगे किया है. वे बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं के बहुत करीबी हैं और पिछले चुनाव से पहले उन्होंने रेड्डी बंधुओं की शह पर नई पार्टी बनाई थी. लोकसभा चुनाव के समय वे भाजपा में शामिल हो गए. वे इस समय सांसद हैं.