उम्मीदवारों को शपथ दिला रही TMC-‘कसम खाओ, नहीं करोगे ठेकेदारी-अवैध खनन’

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव को देखते हुए टीएमसी अपनी छवि बेहतर बनाने में जुट गई है. टीएमसी पंचायत चुनाव के अपने उम्मीदवारों को शपथ दिला रही है कि अगर वे ग्राम पंचायत और पंचायत समिति में निर्वाचित होते हैं तो पार्टी की अनुमति के बिना (सरकारी) योजनाओं, कृषि उपकरण का लाभ न खुद उठाएंगे और न उनके परिवार को लोग. ठेकेदारी, टोल बूथ और खनन जैसे कारोबार में भी वे शामिल नहीं होंगे. इतना ही नहीं वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल गलत कामों में नहीं करेंगे.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक टीएमसी ने पश्चिम बंगाल के गोघाट, हुगली जिले के अपने सभी 322 पंचायत  उम्मीदवारों के लिए ये शपथ अनिवार्य की है. दरअसल कुछ पंचायत सदस्यों के टोल बूथ की ठेकेदारी और अवैध रेत खनन को लेकर शिकायत की गई थी. इसी के मद्देनजर टीएमसी अपनी छवि सुधारने के लिए पार्टी उम्मीदवारों को शपथ दिला रही है.

बता दें कि पंचायत चुनाव में विपक्ष ने टीएमसी पर अपने उम्मीदवारों को नामांकन करने से रोकने और हिंसा करने का आरोप लगाया था. इसे लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में बीजेपी ने एक याचिका भी दायर कर रखी है. पश्चिम बंगाल के पंचायतों का कार्यकाल अगस्त में पूरा हो रहा है. पंचायत के लिए 1, 3 और 5 मई को मतदान होगा. 8 मई को इसके नतीजे आएंगे.

गोघाट जिले के टीएमसी के सभी 272 ग्राम पंचायत सीटों, 46 पंचायत समिति सीटों और चार जिला परिषद सीटों के उम्मीदवारों ने लिखित रूप में पार्टी को शपथ पत्र दिया है. शपथ पत्र में 15 प्वाइंट हैं. जिसमें प्रत्याशियों को अगले पांच साल में काम पर खर्च करने का समय निर्धारित करना है. चुनाव जीतते हैं तो जीवनशैली, कमाई का जरिया कैसा रहेगा, परिवार के सदस्यों के अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े होने की जानकारी भी देनी होगी.

टीएमसी विधायक मानस मजूमदार ने कहा कि हमारी नेता ममता बनर्जी दिन में 18 घंटे से अधिक काम करती हैं. वे ईमानदारी और पारदर्शिता की प्रतीक हैं. उन्हीं के मूल्यों पर चलने का फैसला किया गया है. इसी के मद्देनजर पार्टी के सभी उम्मीदवारों से लिखित शपथ पत्र लेने का फैसला किया गया है.

उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में हमें शिकायत मिली कि कुछ पंचायत सदस्य और उनके रिश्तेदार अपने फायदे के लिए अपने प्रभाव का उपयोग करते हैं और ग्रामीणों की उपेक्षा करते हैं. कुछ पंचायत सदस्य निजी ठेकेदारी, टोल बूथ, अवैध खनन में शामिल रहे हैं. पंचायत उम्मीदवारों की आय का विवरण और काम पर खर्च समय पर पार्टी निगरानी रखेगी. अनिता कटारी ने कहा कि टीएमसी का यह कदम स्वागत योग्य है. इससे ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी में पारदर्शिता आएगी.