ऋतु राज – डा. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव,”प्रेम”

ऋतु राज
ऋतुओं का राजा आया।
मौसम मधु मासिक लाया।
फूले केसर की क्यारी।
औ पीली सरसों प्यारी।
कोयल ने गीत सुनाया।
है सब का मन हर्षाया।
फूलों का मौसम भाया।
मौसम मधुमासिक आया।
ऋतुओं का राजा आया।

फागुन का मौसम आया।
जो प्यार हृदय में लाया।
झूमे ये राधा प्यारी।
मनमोहन कृष्ण दुलारी।
रंगों का उत्सव भाया।
मौसम मधुमासिक लाया।
ऋतुओं का राजा आया।