ओडिशा पार्सल बम केस: लेक्चरर ने बदला लेने के लिए रची थी साजिश

उड़ीसा के बोलांगीर में शादी के उपहार में मिले पार्सल बम की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस का दावा है कि इस मामले की साजिश एक कॉलेज लेक्चरर ने रची थी. फरवरी में हुए इस पार्सल बम विस्फोट में दुल्हा और उसकी दादी की मौत हो गई थी, जबकि दुल्हन बुरी तरह से झुलस गई थी.

राज्य के पुलिस महानिदेशक आर.पी. शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच ने बीती रात इस मामले की आरोपी पुंजिलल मेहर को गिरफ्तार कर लिया है. वह धमाके में मारे गए दूल्हे की मां के साथ काम करती थी.

डीजीपी ने बताया कि जांच के दौरान क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने पुंजिलल मेहर को ही पार्सल बम विस्फोट मामले का मास्टरमाइंड पाया है. अधिकारियों ने रायपुर में जांच के दौरान इस बात की पुष्टि भी कर दी है.

दरअसल, सौम्य और रीमा साहू ने 18 फरवरी को शादी की थी. पांच दिन बाद, उन्हें शादी के उपहार के रूप में एक पार्सल मिला. उन्होंने जब 23 फरवरी को पार्सल खोला तो उसमें विस्फोट हो गया. जिसकी वजह से सौम्य और उनकी दादी जेमामनी की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि रीमा गंभीर रूप से झुलस गई.

क्राइम ब्रांच के आईजी अरुण बोथ्रा ने बताया कि इस वारदात के पीछे की वजह जलन थी. दरअसल, दुल्हे सौम्य की मां संजुक्ता को पुंजिलल मेहर की जगह भैंसा में ज्योति बिकाश कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया था. इसी बात से मेहर संजुक्ता से दुश्मनी मान बैठी थी.

आईजी के मुताबिक इसी के चलते मेहर ने बदला लेने के लिए संजुक्ता के पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बनाई और उसके लिए विस्फोट करने के प्लान पर काम किया. उन्होंने बताया कि इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मेहर ने खुद पार्सल बम तैयार किया और फिर उसे रायपुर से साहू परिवार को कूरियर के जरिए भेजा.

आईजी ब्रोथा ने बताया कि पुलिस ने मेहर के कब्जे से पटाखे, गन पाउडर, एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव जब्त की है. मेहर ने सात महीने तक अध्ययन किया और बम तैयार करने के लिए इंटरनेट की मदद ली. उपहार के रूप में पार्सल बम भेजने से पहले उसने एक छोटे बम का परीक्षण भी किया था.

मेहर की गिरफ्तारी हो जाने के बाद पुलिस ने इस मामले में पूछताछ के लिए गिरफ्तार किए गए 6 अन्य संदिग्धों को रिहा कर दिया. इस तरह से पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया.