कठुआ गैंगरेप: मुस्लिम-गुज्जरों से नफरत करता था नाबालिग आरोपी

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कठुआ गैंगरेप/हत्या मामले में जांचकर्ताओं का मानना है कि गिरफ्तार 15 साल का नाबालिग मासूम बच्ची की हत्या करने में सबसे आगे था. जांचकर्ताओं का कहना है कि बीते कुछ समय से आरोपी नाबालिग के मन में मुस्लिम गुज्जर समुदाय के प्रति नफरत पैदा हो गई थी. हालांकि आरोपी नाबालिग की मां का कहना है कि उसका बेटा निर्दोष है और वह मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर आमरण अनशन पर बैठी हुई हैं.

आरोपी नाबालिग के रिश्तेदारों ने बताया कि वह एक दुबला-पतला कमजोर सा लड़का है और उसे अंधेरे से बहुत डर लगता है. आरोपी नाबालिग को जुवेनाइल होम भेज दिया गया है. उसके 62 वर्षीय चाचा, जो मामले में मुख्य आरोपी है और 22 वर्षीय चचेरे भाई को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी नाबालिग इससे पहले भी मारपीट की घटनाओं में शामिल रहा है और उसके परिवार वाले भी उससे परेशान रहते थे. हिंदुस्तान टाइम्स ने आरोपी नाबालिग की मां के हवाले से लिखा है कि कठुआ मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से करीब तीन महीने पहले उनके बेटे और गुज्जर मुस्लिमों के बीच मारपीट हुई थी.

आरोपी नाबालिग की मां ने बताया कि उनका बेटा अपने दोस्तों के साथ गुज्जरों के घर के पास ‘खा-पी’ रहे थे. तभी गुज्जरों ने उनके साथ मारपीट की थी. इतना ही नहीं इसके बाद गुज्जरों ने उनके बेटे के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी.

आरोपी की मां भी चाहती थी कि पुलिस उसके बेटे को डांटे ताकि वह सही राह पर आ जाए. यही सोचकर मां अपने बेटे को लेकर पुलिस थाने भी गई थी. जांच अधिकारियों ने बताया कि उसी मारपीट के बाद से आरोपी नाबालिग के मन में गुज्जरों के प्रति नफरत पैदा हो गया था.

यहां तक कि पुलिस थाने ले जाने को लेकर उसने अपनी मां से भी बदसलूकी की थी. वहीं आरोपी के चचेरे भाई ने बताया कि वह धूम्रपान करने लगा था और शराब भी पीता था. उसने बताया कि आरोपी को अंधेरे से इतना डर लगता था कि रात में वह घर का गेट बंद करने तक नहीं निकलता था.

साथी छात्राओं से दुर्व्यवहार के चलते स्कूल से सस्पेंड

पिछले साल दिवाली से दो दिन पहले आरोपी नाबालिग को उसके स्कूल से निकाल दिया गया था. पुलिस का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के चलते उसे स्कूल से निकाला गया था. हालांकि उसकी मां का कहना है कि अपने दोस्तों के झगड़े में बीच-बचाव करने का उसे खामियाजा भुगतना पड़ा था. उसकी मां ने बताया कि स्कूल से निकाले जाने के चलते ही उसे आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए उसके मामा के घर रसना गांव भेज दिया गया था.

पीड़िता से पहले भी करता था छेड़छाड़

क्राइम ब्रांच द्वारा कोर्ट के समक्ष पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, आरोपी नाबालिग पहले भी पीड़िता से छेड़छाड़ किया करता था. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता जब भी अपना घोड़ा खोजते हुए गांव में आती थी, आरोपी नाबालिग उससे छेड़छाड़ किया करता था.

10 जनवरी, 2018 को मासूम बच्ची का किडनैप

चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी नाबालिग ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर 8 साल की मासूम बच्ची को किडनैप कर लिया. किडनैप कर वे बच्ची को एक मंदिर में ले गए और कई दिनों तक रेप करते रहे.

पीड़िता के पिता ने 12 जनवरी को हीरानगर पुलिस स्टेशन में अपने बच्ची के लापता होने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया था कि उनकी 8 वर्षीय बच्ची 10 जनवरी को घोड़ों को चराने के लिए गई, तबसे वापस नहीं लौटी.

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके बच्ची की तलाश शुरू कर दी. 17 जनवरी को लापता बच्ची का शव जंगल के पास से बरामद किया गया था.


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