कश्मीर में टूरिस्ट की हत्या से उमर अब्दुल्ला आहत, कहा- CM नाकाम हो गईं

जम्मू-कश्मीर में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर-गुलमर्ग मार्ग पर नरबल इलाके में पथराव करने की एक घटना में तमिलनाडु से आए एक पर्यटक की हत्या की निंदा की है. उमर ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को विफल बताया.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर ने ट्वीट संदेशों की एक श्रृंखला में कहा, ‘‘हमने वाहन पर पत्थर फेंक कर उसमें सवार पर्यटक की हत्या कर दी. हम प्रयास करें और इस तथ्य पर सिर जोड़ें कि हमने एक पर्यटक पर, एक मेहमान पर पथराव कर उसकी हत्या कर दी जबकि हम पत्थरबाजों और उनके तरीकों का महिमामंडन करते हैं.’’

उल्लेखनीय है कि चेन्नई से ताल्लुक रखने वाला 22 वर्षीय आर. तीरूमणि सोमवार सुबह नरबल में पथराव की एक घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था. बाद में श्रीनगर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘चेन्नई का यह नौजवान मेरे चुनाव क्षेत्र में मरा और जहां मैं इन गुंडों, उनके तरीकों या विचारधारा की हिमायत नहीं करता, मुझे बहुत, बहुत अफसोस है कि ऐसा हुआ और वह भी उस इलाके में जिसका 2014 से प्रतिनिधित्व करने का मुझे फख्र है.’’

उन्होंने पथराव में हंडवाड़ा में घायल एक लड़की के शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की भी कामना की. उन्होंने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को नाकाम बताया.

उमर ने कहा , ‘‘जम्मू-कश्मीर सरकार नाकाम हो गई है. मुख्यमंत्री ( महबूबा मुफ्ती ) नाकाम हो गईं. भाजपा-पीडीपी गठबंधन नाकाम हो गया. माननीय प्रधानमंत्री ( नरेन्द्र मोदी ) जम्मू-कश्मीर में हालात की नजाकत महसूस करें, उससे पहले कश्मीर में कितना खून बहाना होगा ?’’

श्रीनगर के कुछ हिस्सों में तीसरे दिन भी लागू रहे प्रतिबंध

अलगाववादियों की बंद की घोषणा के तीसरे दिन श्रीनगर के कुछ हिस्सों में आज भी प्रतिबंध लागू रहे. बंद के कारण घाटी में जनजीवन प्रभावित हुआ है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर के सात थाना क्षेत्रों में अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लागू हैं.

उन्होंने बताया कि प्रशासन ने शहर के सात थाना क्षेत्रों महराजगंज, रैनवारी, खानयार, नौहट्टा और सफाकदल में कड़े प्रतिबंध और मैसूमा एवं करालखुद में आंशिक प्रतिबंध लगाया है.

अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां शहरों में भी पाबंदियां लगाई गई हैं, जबकि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी घाटी में भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

उन्होंने बताया कि कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर ये प्रतिबंध लगाए गए हैं.

सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक के नेतृत्व में अलगाववादी समूहों के एक संगठन ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने सुरक्षा बलों के साथ संघर्षों के दौरान हुई नागरिकों की मौत के विरोध में बुधवार को पूर्ण बंद की घोषणा की है. यह संघर्ष उस मुठभेड़ के बाद हुए जिसमें कश्मीर विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर समेत पांच आतंकवादी मारे गये थे.

जहां गिलानी और मीरवाइज को घर में नजरबंद किया गया है वहीं मलिक को शनिवार से एहतियातन हिरासत में रखा गया है. अलगाववादियों की ओर से बंद की घोषणा के कारण पूरी घाटी में मंगलवार को सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ.

उन्होंने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को एहतियाती तौर पर बंद कर दिया गया है. कश्मीर विश्वविद्यालय के साथ साथ इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने सभी शैक्षणिक गतिविधियां रद्द कर दी हैं और आज के लिए निर्धारित परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है.

बंद के आह्वान के कारण दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सार्वजनिक परिवहन वाहन सड़कों पर नहीं उतरे. अधिकारी ने बताया कि अब तक समूची घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है.