कश्मीर में नेताओं की हिरासत और ठप इंटरनेट सेवा को लेकर US ने जताई चिंता, पाकिस्तान को भी सुनाई खरी-खोटी

जम्मू-कश्मीर में मौजूद हालात को लेकर अमेरिकी सीनेटरों ने अपनी चिंता व्यक्त की है. सीनेटरों के अनुसार कश्मीर के ज्यादातर स्थानीय नेताओं-एक्टिविस्ट को कैद में रखना और इंटनेट बंद रखने से कुछ नहीं होगा. हालांकि, इससे पहले अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को भारत का आंतरिक मामला बताया था. अमेरिकी सीनेटरों ने पाकिस्तान को भी आड़े हाथों लिया है. उनका कहना है कि पाकिस्तान को अगर स्थिति को बेहतर करना है तो उसे अपने यहां पल रहे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी होगी.