किरण बाला – नारी/महिला – साप्ताहिक प्रतियोगिता

स्त्री जीवन का मूल आधारसुसज्जित जिससे सम्पूर्ण संसार प्रेम त्याग की अद्भुत मिसाल ममतामयी छवि विस्तृत विशाल
स्त्री से समृद्धि और संस्कारनव-सृजन और नित विकासव्यवस्था को जो देती आकारकुशल प्रबन्धन में बेमिसाल
स्त्री समर्पण और सम्मान रिश्तों से ही जिसकी पहचान श्रृंगार रस की कविता कमालसुरभित कुसुमित सी कोई डाल
स्त्री संयम धैर्य की पहचान एक प्रतिमूर्ति सरस्वती समानसाहस शौर्य का संगम महानहै सतीत्व उदारता का जयगान
स्त्री स्वयमेव  सम्पूर्ण अवतारदुष्टों के लिए रणचण्डी विकरालमिले सम्मान तो करे न्योछावर प्राणसहे अपमान तो दे युद्ध का पैगाम