कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटर तेजस्विनी के हुए 7 मेडल, गोल्ड कोस्ट में सोना-चांदी

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भारत की स्टार शूटर तेजस्विनी सावंत ने अपने अचूक निशाने से देश को 15वां गोल्ड मेडल दिलाया. उन्होंने यह पदक महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में हासिल किया. इन कॉमनवेल्थ खेलों में यह उनका दूसरा पदक है. इससे पहले तेजस्विनी ने भारत को 50 मीटर राइफल प्रोन में सिल्वर मेडल जीता था.

तेजस्विनी ने लगाए सटीक निशाने

तेजस्विनी जो काम 50 मीटर राइफल प्रोन में नहीं कर कर सकी थीं, उसकी भारपाई उन्होंने सूद समेत 50 मीटर राइफल पोजिशन-3 के फाइनल में कर दी. इस इवेंट में उन्होंने कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. फाइनल मुकाबले में तेजस्विनी ने 457.9 अंकों के साथ टार्गेट हिट किए.

कॉमनलेल्थ गेम्स में जीते सात पदक

37 साल की तेजस्विनी की गिनती देश के बेहतरीन शूटरों में होती है. उन्होंने पहली बार 2006 के मेलबर्न कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा लिया था. तब से लेकर अबतक कॉमनवेल्थ गेम्स में तेजस्विनी शूटिंग की अगल-अलग कैटेगरी में कुल 7 पदक हासिल कर चुकी हैं. इसके अलावा 2009 म्यूनिख वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. 2010 वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.

तेजस्विनी: कॉमनवेल्थ में कब-कब पदक

-2018 गोल्ड कोस्ट 50m राइफल पोजिशन-3 रैंक-1

-2018 गोल्ड कोस्ट, 50m राइफल प्रोन, रैंक- 2

-2010 दिल्ली, पेयर्स 50m राइफल 3 पोजिशन, रैंक- 3

-2010 दिल्ली, 50m राइफल प्रोन, रैंक- 2

-2010 दिल्ली, पेयर्स 50m राइफल प्रोन, रैंक- 3

-2006 मेलबर्न, 10m एयर राइफल , रैंक- 1

-2006 मेलबर्न, पेयर्स 10m एयर राइफल , रैंक-1

निशानेबाज तेजस्विनी ने झटके हैं कई पदक

महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली तेजस्विनी के पिता नेवी के अधिकारी थे. कोल्हापुर से ही उन्होंने शूटिंग के करियर की शुरुआत की थी. कॉमनवेल्थ में तेजस्विनी ने 8 साल बाद दो पदक जीते. उनका लक्ष्य अब ‘2020 टोक्यों ओलंपिक गेम्स’ हैं. लेकिन फिलहाल ध्यान जकार्ता में अगस्त में होने वाले एशियाई खेलों पर है, इसके बाद दक्षिण कोरिया में विश्व चैंपियनशिप होनी है.

 


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