कोरोना – डॉ बी.निर्मला

कविता: कोरोना

चीन के वुहान शहर से निकलकर इटली,अमेरिका,स्पेन,जर्मनी,ईरानअब सारे विश्व में अपना भयानक रूप है दिखाती,महामारी कोरोना।
ये कैसा वायरस,बीमारी है जिसने पूरी दुनिया में एकाएक तहलका मचा दिया और हजारों मनुष्यों को मौत के शिकंजे में जकड़ लिया।
सारा विश्व स्तब्ध है इसके क्रूर, विकराल रूप को देखकर,सभी बेबस,लाचार,सारी कोशिशें, नाकाम इस कोरोना के आगे।
अब भारत में अाई यह महामारी बनकर,करना है हम सभी को उसका सामना डटकर।अभी भारत में लॉकडाउन के तहत हमें सभी नियमों का है पालन करना, अब घर के अंदर ही रहना,बाहर नहीं जाना और जाना पड़े तो सामाजिक दूरी का पालन कर, अपना,अपने परिवारऔर अपने देशवासियों का खयाल है रखना ।
हाथों को साबुन से अच्छे से धोना है,मास्क और ग्लव्ज का प्रयोग, साफ,सफाई का अधिक ख़्याल है रखना,बुखार,खांसी,सांस लेने की दिक्कत होने पर तुरंत इलाज के लिएअस्पताल जाना,नहीं इसे छिपाना,आइसोलेशन में रहना ।
अब कोरोना के लिए भारत में छिड़ गई जंग,तैयार हम सब भारतवासी संग संग,नहीं इससे डरना,सब्र,संयम,आत्मविशवास, सकारात्मक सोच,निडरता से भारतीय संस्कृति,परंपरा का करना है पालन और कोरोना को हरा,जीतना है चुनौतीभरा यह जंग।

डॉ बी.निर्मला,
एसोसिएट प्रोफेसर( रिटायर्ड)
मैसूर,कर्नाटक।