कोस्टल कर्नाटक में खूब चला BJP का हिंदुत्व कार्ड, 26 सीटें जीतीं

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कर्नाटक का कोस्टल बेल्ट बीजेपी और आरएसएस की हिंदुत्व की प्रयोगशाला वाला क्षेत्र माना जाता है. पार्टी इस इलाके में हिंदुत्व कार्ड  के जरिए कमल खिलाने में कामयाब रही है. जबकि जेडीएस का यहां खाता भी नहीं खुला है. पिछले चुनाव में येदियुरप्पा की बगावत का खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ा था और कांग्रेस को इसी का फायदा मिला था. इस बार कांग्रेस को इस इलाके में निराशा मिली है.

कोस्टल बेल्ट के इलाके में दक्षिणी कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ की 19 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें से बीजेपी ने 16 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि पिछले चुनाव में उसे महज चार सीटें मिली थीं.

2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को येदियुरप्पा का अलग होकर चुनाव लड़ना महंगा पड़ा था. पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. कांग्रेस को पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के इस मजबूत दुर्ग से 13 सीटें मिली थीं.

बीजेपी ने इस इलाके में सिद्धारमैया सरकार के दौरान हुई 24 हिंदुओं की हत्या को मुद्दा बनाया. इसके बहाने बीजेपी सिद्धारमैया को हिंदू विरोधी नेता के तौर पर पेश करने में सफल रही. बीजेपी के हिंदुत्व फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस इलाके में जमकर प्रचार किया.

 कोस्टल बेल्ट में कई जगहों पर हार्डकोर हिंदुत्व छवि वाले उम्मीदवारों को बीजेपी ने उतारा था. उत्तर कन्नड़ में कुमाता और दक्षिणी कन्नड़ में मंगलौर सीट को बीजेपी ने आसानी से जीत लिया.

दक्षिणी कन्नड़ के बंटवाल क्षेत्र में बीजेपी ने पिछले साल जुलाई में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में आंदोलन खड़ा किया था. उत्तर कन्नड़ के कुमाता क्षेत्र में सांप्रदायिक दंगे हुए थे. इसका भी फायदा बीजेपी को मिला क्योंकि ध्रुवीकरण हुआ.

बीजेपी ने कोस्टल के अलावा चिकमंगलूर और शिमोगा जैसे आसपास के जिलों की 12 में से 10 सीटें भी जीत लीं. इससे इस इलाके में बीजेपी की कुल 26 सीटें हो गई हैं.


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