गुरु – देवेन्द्र प्रसाद

जीवन सार
बहुत कठिन है
साक्षात्कार

अद्भूत ज्ञान
सब नही पाते
ये अनुमान

कठिन डगर
सभंलो हर पल
आसान सफर

ज्योति अनेक
सद्गुरु से मिलता
अनंत विवेक

अन्धकार
बिना गुरु अब
जीवन बेकार

प्रखर मन
गुरु वाणी से
दृढ़ बन

स्नेह प्यार
गुरु की महिमा
अपरम्पार

स्वस्थ विचार
गुरु निर्मित यह
जीवन आधार

पल पल
गुरु वन्दन कर
जीवन बदल