जातीय हिंसा फैलाने की रच रहे थे साजिश, भीम आर्मी के 6 समर्थक गिरफ्तार

यूपी के मेरठ में पुलिस ने भीम आर्मी के समर्थक छह युवकों को गिरफ्तार कर प्रदेश में जातीय हिंसा फैलाने और सचिन वालिया की हत्या का बदला लेने की साजिश का पर्दाफाश करने का दावा किया है. केन्द्रीय खुफिया एजेंसी ने इस संबंध में मेरठ पुलिस को सूचना दी थी. सचिन वालिया भीम आर्मी के सहारनपुर जिला अध्यक्ष कमल वालिया का भाई था.

मेरठ जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार युवकों की पहचान मेरठ निवासियों राहुल, दीपक, सतवीर, रविन्दर कुमार भरत और गाजियाबाद निवासियों बंटी व नितिन के रूप में हुई है. रविन्दर कुमार भरत अंतरराष्ट्रीय स्तर का मार्शल-आर्ट खिलाड़ी बताया जा रहा है. सचिन की 9 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

गिरफ्तार किए गए छह युवकों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं. ये सभी करीब एक साल पुराने व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए जुड़े थे. पुलिस ने उनकी चैट सुरक्षित कर ली है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने दावा किया कि इन लोगों ने सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ ठाकुर और गुर्जर नेताओं की हत्या करने की साजिश रची थी.

प्रशांत कुमार के अनुसार, पुलिस पूछताछ के दौरान राहुल ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए वे लोग करीब साढ़े तीन हजार लोगों से जुड़े हुए थे. ये लोग सहारनपुर में हुई सचिन वालिया की हत्या का बदला लेने और हिंसा भड़काने के लिए ठाकुर और गुर्जर बिरादरी के किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति की हत्या की योजना बना रहे थे.

युवकों ने यह भी बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ दलित युवक जातीय हिंसा फैलाने तथा कैराना-नूरपुर के उपचुनाव को प्रभावित करने का षड्यंत्र कर रहे थे. केन्द्रीय खुफिया एजेंसी ने इस संबंध में मेरठ पुलिस को सूचना दी थी. उसी आधार पर पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर अन्य युवकों को गिरफ्तार किया गया.

बताते चलें कि क्षत्रिय समाज ने महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर सहारनपुर के रामनगर में शोभायात्रा निकाली थी. इसी दौरान कमल वालिया के भाई की संदिग्ध रूप से गोली लगने से मौत हो गई थी. पिछले साल भड़की जातीय हिंसा के मामले में कमल वालिया भी जेल में बंद था, जो कुछ दिन पहले ही जमानत पर छूटकर बाहर आया है.

पिछले साल सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में महाराणा प्रताप शोभायात्रा के दौरान हुए एक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था. इसके बाद विशेष जाति पर दलितों के साथ अत्याचार करने और उनके घर जलाने का मामला सामने आया था. इस मामले में भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. उसे बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.