तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव, कांग्रेस खेलेगी दलितों पर दांव

लोकसभा चुनाव में सब कुछ गंवाने के बाद कांग्रेस ने महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए दलितों पर दांव खेलने की रणनीति बनाई है. दलित समुदाय को कांग्रेस के पक्ष में लामबंद करने के लिए पार्टी विधानसभा स्तर पर अनुसूचित जाति के समन्वयकों की नियुक्ति करेगी और ‘संविधान से स्वाभिमान यात्रा’ निकालने की रणनीति बना रही है.

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले सप्ताह कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात की थी. इस दौरान सोनिया गांधी ने दलितों के बीच कांग्रेस के जनाधार को मजबूत बनाने के लिए तेजी से काम करने का निर्देश दिया था. इसे अमलीजामा पहनाने का काम कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग करने जा रहा है. साथ ही कांग्रेस का अनुसूचित जाति संगठन दिल्ली में संत रविदास का मंदिर तोड़े जाने के मुद्दे को भी दलित समाज के बीच जोरशोर से उठाने का प्लान बना रहा है.

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन राउत ने aajtak.in से बातचीत करते हुए कहा कि सोनिया गांधी के निर्देश पर पार्टी ने दलित समाज को लामबंद करने के लिए कई स्तरों पर उनके बीच काम करने का फैसला किया है. सितंबर के पहले सप्ताह तक महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में अनुसूचित जाति के समन्वयकों की नियुक्ति कर दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि दलित समन्वयक पार्टी के स्थानीय संगठन के साथ मिलकर दलित समाज के इलाकों और बस्तियों में सभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे. खासकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर ज्यादा फोकस होगा. इसके लिए लिए  दलित बहुल विधानसभा क्षेत्रों में ‘संविधान से स्वाभिमान’ यात्रा सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू की जाएगी. इस यात्रा के जरिए अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों को हरहाल में जीतने की कोशिश की जाएगी.