त्राल मुठभेड़ में मारा गया था जैश का कमांडर, मसूद अजहर का था करीबी

जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना लगातार आतंकियों के खात्मे का काम कर रही है. मंगलवार को कश्मीर के त्राल में हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मुफ्ती यासीर को ढेर कर दिया गया है. यासीर को मौलाना मसूद अजहर का करीबी बताया जाता है. गौरतलब है कि आठ घंटे चली मुठभेड़ में जेईएम के चार आतंकवादी मारे गए थे. इसके अलावा एक जवान और एक पुलिसकर्मी शहीद हुआ था.

इस बात की जानकारी देते हुए जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि मंगलवार को त्राल के वनक्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मारे गए चार आतंकवादियों में से एक जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का कमांडर था.

बताया जा रहा है कि यासीर श्रीनगर में एक फिदायीन हमले की तैयारी कर रहा था, इसी के लिए वह त्राल के जंगलों में ग्रुप तैयार किया जा रहा था. जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से वे लगातार इनपुट पर काम कर रहे थे. यासीर पिछले एक साल से त्राल से ही काम कर रहा था. मसूद अजहर के अलावा यासीर के सुंजवां हमले के मास्टरमाइंड मुफ्ती वकास से भी अच्छे संबंध थे. मुफ्ती वकास पहले ही मारा जा चुका है.

राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वेद ने कहा, “त्राल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुरू की गई संयुक्त कार्यवाही में मारे गए आतंकवादियों में जेईएम के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती यासीर भी था.” डीजीपी ने मारे गए आतंकवादी की तस्वीर ट्विटर पर अपलोड की, जिसमें वह जेईएम के संस्थापक मसूद अजहर के साथ खड़ा है.

अजहर को 1999 में जम्मू जिले की कोटबलवाल जेल से रिहा कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था, जहां उसे इंडियन एयरलाइंस की उड़ान संख्या आईसी814 के बंधक बनाए गए 158 यात्रियों के बदले छोड़ दिया गया था. मुठभेड़ में मारे गए दो अन्य आतंकवादियों में शेख उमर और मुस्ताक अहमद जरगर भी थे, उन्हें भी यात्रियों को बंधक बनाए जाने के बदले छोड़ दिया गया था.