त्रिपुरा ईस्ट लोकसभा सीटः क्या CPM बचा पाएगी अपना गढ़?

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भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में लोकसभा की दो सीटे हैं, जिनमें दो चरणों में मतदान होंगे. पहले चरण में 11 अप्रैल और दूसरे चरण में 18 अप्रैल को वोटिंग होगी. इसके बाद 23 मई को दोनों सीटों के एक साथ चुनाव के नजीते आएंगे.

त्रिपुरा ईस्ट संसदीय क्षेत्र से फिलहाल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जितेंद्र चौधरी सांसद हैं. उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सचित्र देबर्मा को हराया था.

त्रिपुरा भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य है. इस राज्य की सीमाएं असम, मिजोरम और बांग्लादेश से लगती हैं. त्रिपुरा की राजधानी अगरतला है. यहां पर बंगाली और त्रिपुरी भाषा (कोक बोरोक) बोली जाती हैं.

त्रिपुरा की स्थापना 14वीं शताब्दी में माणिक्य नामक इंडो-मंगोलियन आदिवासी मुखिया ने किया था. उन्होंने हिंदू धर्म अपनाया था. त्रिपुरा साल 1956 में भारतीय गणराज्य में शामिल हुआ था. इसके बाद साल 1972 में त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दे दिया गया था.

इस बार सीपीएम ने एक बार फिर से जितेंद्र चौधरी पर विश्वास जताया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी में त्रिपुरा ईस्ट लोकसभा सीट से रेवती त्रिपुरा को चुनाव मैदान में उतारा है,  जबकि कांग्रेस ने प्रज्ञा देवबर्मन को टिकट दिया है. हाल ही में इस लोकसभा संसदीय क्षेत्र में बीजेपी का प्रभाव काफी बढ़ा है. ऐसे में इस बार यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है.


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