दिल्ली जलबोर्ड की लापरवाही से 50 परिवार बेघर, जान का खतरा बना

दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में करीब 50 परिवार पिछले 10 महीने से सड़क पर रहने को मजबूर हैं. वो परिवार जो कि पिछले 20- 25 वर्षों से मकान मालिक की तरह रह रहे थे अब वो पिछले 9 महीने से किराये के मकान में रह रहे हैं और इनकी बदहाली का कारण दिल्ली जल बोर्ड है.

दरअसल पिछले साल अगस्त महीने में दिल्ली जल बोर्ड के आदेश पर गोकुलपुरी इलाके में सीवेज की पाइपलाइन डाली गई और ये पाइपलाइन घरों से दूर सड़क किनारे से निकाली जानी थी. लेकिन दिल्ली जल बोर्ड ने जिस प्राइवेट कंपनी को इसका ठेका दिया उनकी लापरवाही के चलते ये पाइपलाइन यहां रहने वाले 50 परिवारों के घरों के नीचे से निकाल दी गई और जो पाइपलाइन 35 से 40 फिट नीचे से गुजरनी थी वो महज 10 फिट नीचे से निकाल दी गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि उन घरों के दीवारों और छतों के साथ- साथ जमीन में दरारें और बड़े- बड़े गड्ढे बन गए.

छतों से पंखे और मलबे के गिरने के बाद लोगों को पता चला कि उनके घरों के नीचे से पाइपलाइन निकली जा रही है. शिकायत करने पर पहले तो सुनवाई नहीं हुई और काम एक हफ्ते तक चलता रहा जिसके चलते दीवारों की दरारें बढ़ गईं और जमीन धंस गई. हालात ऐसे हो गए कि लोगों को घरों के बाहर रात बितानी पड़ी.

कंपनी और एमसीडी ने दिया घर बनवाने के आश्वासन

कंपनी और एमसीडी ने मिलकर इनको आश्वासन दिया कि इनके मकान इनको बना कर दिए जाएंगे. जिसके लिए बाकायदा घरों का मुआयना किया गया, डैमेज की रिपोर्ट बनी और कंपनी ने 9 महीने में घर बना कर देने का भरोसा दिया.

जो लोग सक्षम थे वो तो किराये के मकान में रहने चले गए लेकिन जो सक्षम नहीं थे वो आज भी खंडहर हुए उन्हीं घरों में रहने को मजबूर हैं जो कभी उनका खुशहाल घर हुआ करता है, महिलाओं का बुरा हाल है. एक महिला ने गुस्से में घर के कोने में पड़े चूल्हे को दिखाते हुए बताया कि पहले यहां गैस पर खाना बनाया जाता था लेकिन घर कहीं उड़ न जाये इस डर से चूल्हे पर खाना बनाया जाता है. उन्होंने पीएम से सवाल करते हुए कहा ये है प्रधानमंत्री की विकास योजना का परिणाम है.

करीब 10 महीने पहले इनको ये कह कर घरों से निकाला गया था कि पहले की अवस्था में ही इनके घर वापस किये जाएंगे. अहसान जताते हुए कुछ दिनों तक इनको टेंट में और फिर बारात घर में ठहराया गया, बाद में वो भी छीन लिए गए. अब इन लोगों को इंतजार है कि कब इनके घरों की हालत ठीक की जाएगी और ये फिर से अपने घर में रह सकेंगे.