देखो फरवरी आयी है – देवेन्द्र प्रसाद

देखो फरवरी आयी है..

पीली सरसो लहरायी है।
देखो फरवरी आयी है।।

पेड़ों पर हरीयाली छायी।
मदमस्त बसंत ऋतु आयी।।

कोयल कु कु अब बोल रही।
मन में सरस रस घोल रही।।

हर तरफ जवानी छायी है।
देखो फरवरी आयी है।।

ये प्यार का मौसम होता है।
इजहार का मौसम होता है।।

दिल में दिलदार की सुरत है।
मन में मेरे यार की मुरत है।।

अब तो मधुर मिलन होगा।
साक्षी जमीं, गगन होगा।।

अब प्यार ने ली अंगड़ाई है।
देखो फरवरी आयी है।।