देहरादून में ऑटो चालक की बेटी बनी जज, ऐसे लिखी सफलता की इबारत

देहरादून के ऑटो चालक की बेटी ने मिसाल कायम करते हुए पीसीएस (जे) पेपर में उत्तराखंड टॉप कर राज्य का मान बढ़ाया है। पूनम ने अपने सपने के साथ अपने माता-पिता का भी सपना साकार किया है।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने राज्य न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा 2016 में बेटियों की जलवा रहा। आयोग ने बुधवार को परीक्षा के साक्षात्कार का परिणाम घोषित किया। पहले तीन स्थानों पर बेटियों ने कब्जा जमाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पूनम टोडी पहले, पल्लवी गुप्ता दूसरे और उर्वशी रावत तीसरे स्थान पर रहीं। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने बीते वर्ष 30 अक्तूबर से 2 नवंबर तक राज्य न्यायिक सेवा सिविल जज (जूडि.) परीक्षा 2016 की मुख्य परीक्षा आयोजित की थी। साक्षात्कार के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों में शैलेंद्र कुमार यादव ने चौथा, चैराब बत्रा ने पांचवां, करिश्मा डंगवाल ने छठा, तनूजा कश्यप ने सातवां और मनोज सिंह राणा ने आठवां स्थान प्राप्त किया है।

पढ़िए, पूनम की सफलता की कहानी…

देहरादून के नेहरू कॉलोनी बी ब्लॉक की ऑटो चालक की लड़की पूनम टोडी ने पीसीएस जे में उत्तराखंड टॉप किया। पूनम टोडी ने बीकॉम, एमकॉम, एलएलबी और अभी टिहरी चंबा से एलएलएम कर रही हैं। पढ़ाई के साथ ही पूनम टोडी ने यूपी एपीओ का पेपर पास कर लिया था। पूनम टोडी ने बातचीत में बताया कि पीसीएस (जे) को पास करना उनका सपना था और आज वह सपना साकार हो गया है। उनकी माता गृहणी हैं। पूनम की एक बड़ी बहन और दो भाई हैं। पहले भी किए हैं प्रयास: पूनम टोडी पहले भी दो बार पीसीएस (जे) का साक्षात्कार दे चुकी हैं पर सफलता नही मिल पाई थी। लेकिन इस बार उनको सफलता मिल गई है। पूनम की मेहनत रंग लाई। बताया कि कुछ समय उन्होंने दिल्ली में रहकर कोचिंग की उसके बाद दून वापस लौटकर घर पर तैयारी की।

30 साल से ऑटो चलाते हैं पिता 

पूनम ने बताया कि उनके पिता अशोक कुमार टोडी ऑटो चालक हैं और दून में ही 30 साल से ऑटो चलाते हैं। पूनम अपने पिता की मेहनत से प्रेरित होकर अपनी पढ़ाई में ध्यान लगाया और आज उनकी मेहनत रंग लाई है।

यूपी एपीओ में मिली है पूनम को सफलता

पूनम ने बताया कि एक महीने पहले  यूपी एपीओ का परिणाम आया था और उनका चयन हो गया था। ज्वाइनिंग लेटर अभी आया नहीं और अब पीसीएस जे का परिणाम देखकर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं है।