नरसिम्हाराजा में सैत परिवार की पकड़, सेंध लगाने की तैयारी में BJP-JDS

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वर्तमान राज्य सरकार में मंत्री तनवीर सैत के लिए यह चुनाव बेहद अहम है. उन पर मैसूर में नरसिम्हाराजा विधानसभा क्षेत्र से अपनी सीट बचाए रखने की चुनौती है. यह राज्य में कांग्रेस के लिए सुरक्षित सीट जैसी है. वह 4 बार यहां से विधायक रहे हैं. जून 2016 में राज्य सरकार में उनकी फिर से एंट्री हुई और प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षा मंत्री बनाए गए.

पिता का रहा है दबदबा

तनवीर सैत कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं और नरसिम्हाराजा की राजनीति में पिछले पांच दशकों से उनके परिवार का दबदबा रहा है. तनवीर के पिता अजीज यहां से 6 बार (1967 से 1999 के बीच) विधायक चुने गए. अजीज के निधन के बाद 2001 में सैत परिवार में उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर संघर्ष शुरू हो गया. पारिवारिक विरोध के बीच 2002 के उपचुनाव में वह पहली बार विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रहे.

2002 के बाद तनवीर कांग्रेस के टिकट पर 2004, 2008 और 2013 में यहां से विजयी हुए. तनवीर के खिलाफ बीजेपी ने एस सतीश (संदेश स्वामी) को उतारा है. इस सीट पर 14 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

विवादों से भी नाता

हालांकि कुछ वजहों से वह विवादों में भी रहे. स्थानीय चैनल ने दावा किया था कि 2016 में टीपू जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने मोबाइल पर महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें देख रहे थे. इसके अलावा वह सरकारी कार्यक्रम के दौरान पोर्न देखते पकड़े गए थे.

1967 से नरसिम्हाराजा विधानसभा चुनाव हो रहा है और अब तक 12 बार में से 10 बार चुनाव सैत परिवार के खाते में गई है, ऐसे में एक तरह से कांग्रेस के किले में सेंध लगाने की कोशिश में बीजेपी और जेडीएस लगी हुई हैं. सपा ने भी यहां से उम्मीदवार खड़ा किया है.


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