नीरज कुमार द्विवेदी – भारत का विश्व में बढ़ता कद

आज भारत विश्व पटल पर एक महाशक्ति बन कर उभर रहा है। पिछले कुछ समय में देश ने हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का लोहा मनवाया है।20वीं शताब्दी से निकलकर 21वीं शताब्दी में हिन्दुस्तान ने अब तक उपलब्धियों को उसी तरह हासिल किया है जैसे ज्योत्स्ना के लिये सारंग चतुर्थी से चलकर चतुर्दशी को पहुँच गया हो । अंतरिक्ष में भारत के लगातार बढ़ते हुए कदम ने उसे विश्व अंतरिक्ष कार्यक्रम में अलग पहचान दिलाई है । विश्व की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ( N A S A ) स्वयं आगे आकर भारत के साथ मिलकर काम करने और उसे सहयोग करने की बात करती हो तो ये विश्व मंच पर बढ़ता हुआ कदम ही है। मंगलयान और चन्द्रयान-2 कार्यक्रम के बाद अब मिशन गगनयान और मिशन अंतरिक्ष स्टेशन ने भारत को विश्व के अंतरिक्ष कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है । इस्लामिक स्टेटों की मीटिंग में भारत को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया जाना वैश्विक मंच पर एक बड़ी उपलब्धि है जो भारत की बढ़ती पहचान का प्रतीकात्मक संकेत देती है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता ने भारत को महाशक्तिशाली देशों के साथ खड़ा किया है । एअर स्ट्राइक करके आतंकी शिविरों को नष्ट करना भारत की आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी मुहिम दिखाता है, जिसने भारत को सबसे बड़े वैश्विक मंच संयुक्त राष्ट्र संघ ( U N O ) में भी एक नया शिखर प्रदान किया है । स्वदेश निर्मित हल्का लड़ाकू विमान तेजस आत्मनिर्भरता के मामले में भारत के बढ़ते हुए कदम का ज्वलन्त उदाहरण है। अमेरिका, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और चीन के बाद लड़ाकू विमानों की अरेस्टेड लैंडिंग कराने वाला भारत विश्व का 6वां देश बन गया है और विश्व में अपनी उपलब्धि का एक कदम और बढाया है। सैन्य क्षमता और रक्षा प्रणाली के मामले में भी भारत बहुत तेजी से अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। अमेरिकी सेना की एक खास ताकत चिनूक हेलीकाप्टर जिसे ओसामा बिन लादेन और बगदादी को मारने के लिये भी आपरेशन में अमेरिका प्रयोग किया गया था, अब भारतीय सशस्त्र बलों को लड़ाकू और मानवीय मिशनों के पूरे स्पेक्ट्रम में अद्भुत सामरिक एअरलिफ्ट क्षमता प्रदान करेगा।राफेल लड़ाकू विमान भी सैन्य क्षमता में वृद्धि कर देश की शान को वैश्विक स्तर पर एक कदम आगे ले जाएगा।दुनिया की किसी भी रक्षा प्रणाली और रडार की पकड़ में न आने वाली सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल ब्रह्मोस भारत को गौरव प्रदान करती है और रक्षा के क्षेत्र में सबसे एक कदम आगे रखती है।आधुनिक भारत के विश्व इन बढ़ते हुए कद और सभी क्षेत्रों में बढ़ते कदम से यह कहा जा सकता है कि शीघ्र ही भारत विकसित राष्ट्रों की सूची में शामिल हो जाएगा।