पेट्रोल-डीजल GST के तहत आएगा या नहीं? फैसला 4 मई को

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी के बीच 4 मई को जीएसटी परिषद की 27वीं बैठक होनी है. इस बैठक में जीएसटी रिटर्न फाइल करना आसान बनाने को लेकर बात होनी तय है. इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर विचार हो सकता है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है. इसके अलावा तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी पेट्रोल और डीजल को जीएसटीं के तहत लाने की बात कह चुके हैं. ऐसे में संभव है कि इस बैठक में परिषद इस मुद्दे को लेकर कोई अहम फैसला ले.

फिलहाल जीएसटी परिषद की बैठक के एजेंडे में जीएसटी रिटर्न फाइल करने को सरल बनाने समेत अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के नियमों में जरूरी संशोधन शामिल है. परिषद की 27वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी और इसमें राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे.

इस बैठक में जीएसटीएन को एक सरकारी कंपनी बनाने पर भी विचार हो सकता है. इसी बैठक में सुशील मोदी की अगुवाई वाला मंत्रियों का समूह नये रिटर्न के नय प्रारूप भी यहां पेश करेगा.

बता दें कि पिछले एक हफ्ते से लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं. शुक्रवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के लिए 74.63 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. वहीं, डीजल की बात करें, तो यह 65.93 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. मुंबई की बात करें, तो यहां एक लीटर पेट्रोल के लिए 82.48 रुपये देने पड़ रहे हैं. वहीं, एक लीटर डीजल 70.20 रुपये का मिल रहा है.