प्यार का महीना – प्रियंका सिंह शोध छात्रा

“प्यार का महीना”
मैं भटक ना जाऊं इतना प्यार तो करो
किसी और की ना हो जाऊं ये खयाल तो करो
ये प्यार का महीना है रूमानी मौसम भी
कहीं दूर ना चली जाऊं ये आभास तो करो
इस प्यार के महीने के रंग खूबसूरत हैं
कहीं इसमें डूब ना जाऊं ये विचार तो करो
क्यों दूर रहते हो तुम्हारी कमी खलती है
इस प्यार के महीने का एहसास तो करो
इंतजार कर रहीं हैं आंखें हमारी
अब आ भी जाओ इतना विश्वास तो करो
इतना रूठना क्या अच्छा लगता है?
कहीं मेरे रूठने पर भी सवाल तो करो
किसी और की ना हो जाऊं ये खयाल तो करो
कहीं भटक ना जाऊं इतना प्यार तो करो