प्रियंका सिंह – गणतंत्र दिवस, संविधान– साप्ताहिक प्रतियोगिता

देश मेरा तब झूमा था, नाचा था, गाया था मन भर
जब हुआ देश गणतंत्र मेरा,खुशियां लाया था अम्बर भर
जिनके बलिदानों से गणतंत्र देश का नया सवेरा आया था
जिनके त्याग तपोबल ने ये देश मेरा चमकाया था
उन वीरों को सौ बार नमन, है नमन उन्हें मेरा शीश झुकाकर
देश मेरा तब झूमा था नाचा था गाया था मन भर
जब हुआ देश गणतंत्र मेरा खुशियां लाया था अम्बर भर
उन त्यागी,बलिदानी वीरों की उम्मीदें थीं गणतंत्र देश से
सपना था उनका समरसता का संस्कृतिपूर्ण अपने स्वदेश से
है समय आज उसे पूर्ण करो मत मरने दो उन सपनों को
संस्कृति के वाहक बनकर के,जीवंत करो उन अपनों को
जो रही विरासत थी अपनी तुम उसे बढ़ाओ संभाल कर
देश मेरा तब झूमा था नाचा था गाया था मन भर
जब हुआ देश गणतंत्र मेरा खुशियां लाया था अम्बर भर