फूल दिवस/ रोज डे – अनन्तराम चौबे अनन्त

फूलों की किस्मत देखो कैसी है
देखकर मन में शंका होती है ।
भगवान के चरणों में अर्पित हो
किस्मत उसकी अच्छी होती है ।

डाली में जब तक फूल लगा है
तब तक ही उसका जीवन है ।
कौन फूल कब तोड़ ले जाये
उस पल तक उसका जीवन है ।

माली फूल को तोड़ ले जाये
किसी फूल की माला बनती ।
कोई फूल पूजा में लगता है
कोई माला भगवान को चढ़ती ।

शादी में दुल्हा दुल्हन को
फूलों की माला पहनाते हैं ।
शुभ अवसर की इस घड़ी में
फूलों की जय माला करते हैं ।

प्यार में प्रेमी फूल देकर ही
इज़हार प्यार का करते हैं ।
जन्म दिन के उपहार में भी
फूलों का गुलदस्ता देते हैं ।

किसी के स्वागत में भी
फूलों को विछाया जाता है ।
स्वागत में वो खुश होता है
पर फूलों को रोदा जाता है ।

किसी की मृत्यु में फूलों को
अर्थी पर सजाया जाता है ।
फूल तो बस नाज़ुक होता है
ऐसा हश्र फूल का होता है ।

सम्मान में फूल किसी को दो
बहुत ही खुश वो हो जाता है  ।
लेने देने वाले दोनों खुश होते
फूल का भी सम्मान होता है ।

फूल दिवस है फूल दिवस है
फूल दिवस की खुशी मनाते हैं ।
फूलों का भी सम्मान करते हैं
हम सब फूल दिवस मनाते हैं ।


  अनन्तराम चौबे अनन्त
     जबलपुर म प्र