बजरंग लाल सैनी – जवान/फौजी/सैनिक – साप्ताहिक प्रतियोगिता

वीर जवान,
देशहित तत्पर,
सदा सजग,
चैतन्य निर्निमेष,
राष्ट् छवि चित्त में। 1

सम्मुख काल,
सीना ताने खड़ा है,
राष्ट्र रक्षार्थ,
सुनहरे सपने,
सब कुछ भुलाके।। 2

भय नहीं है,
मरने का उसे तो,
रंच मात्र भी,
महाकाल समान,
देश का जवान है।। 3