बीजेपी विधायक के बेटे पर गैंगरेप का आरोप, धरने पर बैठी पीड़िता

यूपी के शाहजहांपुर में एक महिला ने बीजेपी विधायक रोशन लाल वर्मा के बेटे पर गैंगरेप का सनसनीखेज आरोप लगाया है. आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़िता कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गई. आनन-फानन में अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर धरना खत्म कराया. सीबीसीआईडी इस मामले की जांच कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, शाहजहांपुर कलेक्ट्रेट ऑफिस के बाहर एक महिला अपने परिजनों के साथ धरने पर बैठ गई. उसका कहना है कि बीजेपी विधायक रोशन लाल वर्मा के बेटे ने उसका अपहरण करके गैंगरेप किया है. वह पिछले कई वर्षों से इंसाफ की गुहार लगा रही है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही.

पीड़िता का आरोप है कि साल 2011 में उसका अपहरण करके गैंगरेप किया गया था. उसने थाने में जाकर केस दर्ज कराया था. इसके बाद इस केस से बचने के लिए विधायक ने अपने छोटे बेटे विनोद वर्मा से साल 2012 में उसकी शादी करा दी थी. लेकिन एक साल बाद दोनों अलग हो गए. उन दोनों की एक 5 साल की बेटी भी है.

डीएम ऑफिस पर पीड़िता का धरना

महिला का आरोप है कि बीजेपी विधायक सत्ता के दबाव में सीबीसीआईडी की जांच को आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं. महिला पहले लखनऊ में धरने पर बैठी, लेकिन आश्वासन मिलने पर वो शाहजहांपुर वापस आ गई. यहां ये महिला राजनीति का शिकार बन गई. आरोप है कि एक सपा नेता के इशारे पर डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गई.

सपा जिलाध्यक्ष कर रहे हैं समर्थन

उसका कहना है कि जब तक बीजेपी विधायक और उनके बेटे के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो जाती, तब तक वो धरने पर बैठी रहेगी. उसने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वो वहीं आत्मदाह कर लेगी. इस पूरे प्रकरण में एक सपा नेता का नाम सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि सपा जिलाध्यक्ष भी महिला के धरने को समर्थन दे रहे हैं.

सीबीसीआईडी कर रही है जांच

पुलिस के मुताबिक, साल 2011 में इस मामले आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 363 और 366 के तहत केस दर्ज किया गया था. उस वक्त जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ कोई पर्याप्त सबूत नहीं मिला था. इसके बाद इस केस को साल 2013 में बंद कर दिया गया. फिलहाल पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी द्वारा की जा रही है.

कौन हैं रोशन लाल वर्मा

रोशन लाल वर्मा शाहजहांपुर की तिलहर सीट से बीजेपी विधायक हैं. इनकी कुल संपत्त‍ि 2 कारोड़ 50 लाख है. इन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई की है. साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ये बसपा से बीजेपी में आए थे. ऐसा कहा जाता है कि ये बसपा सुप्रीमो मायावती के बहुत करीबी थे. रोशन लाल वर्मा और इनके बेटे कई बार विवादों में आ चुके हैं.