भागलपुर हिंसा मामला: वॉरन्‍ट जारी होने के बाद केन्‍द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत ने दिया यह बयान

भागलपुर : भागलपुर में दंगा भड़काने के मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत ने कहा, मैं न्‍यायालय की शरण में हूं. भागते वो है, खोजना उनको पड़ता है जो कहीं गायब हो गए हो. मैं समाज के बीच में हूं. आपको बता दें कि भागलपुर की एक स्थानीय अदालत ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत एवं आठ अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है. अरिजित पर पिछले हफ्ते भागलपुर जिले में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप है.

रिजित शाश्वत ने कहा कि मुझे आत्मसमर्पण क्यों करना चाहिए? कोर्ट वारंट जारी करता है लेकिन अदालत आश्रय भी देती है. एक बार जब आप अदालत में जाते हैं तो आप केवल वही करेंगे जो वह आपके लिए तय किया गया होता है. अगर पुलिस मुझे गिरफ्तार करने के लिए आती है तो मैं वहीं करूंगा जो वो कहेंगे. मैंने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर रखी है. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट( एसीजेएम) अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने नाथनगर पुलिस की ओर से दायर अर्जी पर वॉरंट जारी किया. पुलिस ने इस सिलसिले में दर्ज दो प्राथमिकियों में से एक में नामित नौ लोगों की गिरफ्तारी की मांग की थी.

बीते 17 मार्च को भागलपुर में प्रशासन की इजाजत के बगैर झांकी निकालने के मामले में दर्ज प्राथमिकी में अरिजित को नामजद किया गया है. अरिजित के पिता अश्विनी कुमार चौबे भाजपा के नेता और केंद्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं.

हिंदू नव वर्ष की पूर्वसंध्या पर भारतीय नव वर्ष जागरण समिति की ओर से झांकी निकाली गई थी. इससे जिले के नाथनगर पुलिस थाना क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव कायम हो गया था. इस घटना में दो पुलिसकर्मी सहित कुछ अन्य लोग जख्मी हो गए थे. भागलपुर की घटना पर विरोध जताते हुए विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने पिछले हफ्ते बिहार विधानसभा की कार्यवाही ठप कर दी थी. दोनों पार्टियों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी.