भाजपा ने CS से हाथापाई को नक्सलवाद बताया, कांग्रेस ने कहा माफी मांगें केजरीवाल

नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्य सचिव से आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों द्वारा कथितरूप से हाथापाई को लेकर भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की जबकि कांग्रेस ने घटना को ‘‘प्रशासनिक और संवैधानिक संकट’’ बताया और मुख्यमंत्री से माफी की मांग की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के आरोप को ‘‘विचित्र और आधारहीन’’ बताया कि रात उनसे हाथापाई हुई थी।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सोमवार रात अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में हुई कथित घटना को ‘‘शहरी नक्सलवाद का कृत्य’’ बताते हुए केजरीवाल के इस्तीफे, उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच और संबंधित विधायकों के निलंबन की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल और उनके विधायकों ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव से सोमवार रात दुर्व्यवहार किया और धमकी दी…आम आदमी पार्टी के गुंडों का एक और शर्मनाक कृत्य…एक शहरी नक्सलवाद का कृत्य।’’ वहीं भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब प्रकाश से हाथापाई हुई तब मुख्यमंत्री के आवास पर आप के कुल नौ विधायक मौजूद थे।उन्होंने कहा, ‘‘वे दिल्ली के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन वे शहरी नक्सलियों से कम नहीं हैं। कितना घृणित व्यवहार है।’’
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने आप सरकार पर तीखा हमला बोला और उसे पूरी तरह से विफल बताया और मांग की कि मुख्यमंत्री केजरीवाल इस ‘‘गुंडागर्दी’’ के लिए माफी मांगे।।उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि केजरीवाल को इस गुंडागर्दी के लिए माफी मांगनी चाहिए जो कि उनके समक्ष हुई। विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री के सामने मुख्य सचिव को पीटना एक और ओछी हरकत है और इसका उद्देश्य सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाना है। आप को शासन करना नहीं आता और वह बुरी तरह से असफल हुई है।’’।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जे पी अग्रवाल ने इस संबंध में उप राज्यपाल के हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि इस मामले में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।