भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा चौकसी बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाए ये कदम

आतंकी खतरे से निपटने और सीमा सुरक्षा बल के जवानों को भारत-पाकिस्तान सीमा पर बेहतर सुविधा देने के लिए गृह मंत्रालय ने 96 नई कंपोजिट बॉर्डर आउट पोस्ट को स्वीकृति प्रदान की है. इन 96 कंपोजिट बीओपी को इसी साल जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा.

अभी भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल की 656 बीओपी मौजूद है. इनमें 96 और बीओपी की संख्या बढ़ाकर फ़ोर्स की कार्य क्षमता बढ़ाने और जवानों को सहूलियत देने के उद्देश्य से किया जा रहा है. गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपोजिट बीओपी का निर्माण किए जाने से भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ियों के लिए नए तरीके का आवास, संचार संबंधी बेहतर सुविधा के साथ ही हर एक सीजन में उन्हें खास तरीके के ठहरने की सुविधा दी जा सकेगी.

गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक 84 बीओपी का निर्माण संबंधित गतिविधियां लगभग पूरी हो गई हैं, जबकि शेष 9 बीओपी में कार्य तेजी से किया जा रहा है.

भारत की पाकिस्तान के साथ 3323 किलोमीटर की सीमा जुड़ती है. यह सीमा गुजरात, राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर राज्यों के साथ लगी हुई है. भारत-पाकिस्तान सीमा पर अलग-अलग तरीके के भूभाग और विशिष्ट भौगोलिक विशेषताएं मौजूद हैं. नियंत्रण रेखा और इंटरनेशनल बॉर्डर पर गतिविधियां चलती रहती हैं.

नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ किए जाने तथा शस्त्र गोला-बारूद और अन्य मादक वस्तुओं की तस्करी करने का प्रयास किया जाता है, जिसके चलते यहां निगरानी करना ज्यादा कठिन है. इन्हीं तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने BSF को भारत-पाकिस्तान सीमा के अलग-अलग इलाकों में नए तरीके की कंपोजिट बीओपी दी है, जिससे निगरानी अच्छे से की जा सके.

आपको बता दें कि सरकार द्वारा 2494 करोड रुपये की अनुमानित लागत से 422 कंपोजिट बीओपी भारत-पाकिस्तान सीमा और भारत-बांग्लादेश सीमा पर निर्माण के लिए राशि अनुमोदित किया गया है. इन 422 कंपोजिट पीओपी में से 326 कंपोजिट बीओपी का निर्माण भारत-बांग्लादेश सीमा पर किया जाना है. बाकी की कंपोजिट बीओपी का निर्माण भारत पाक सीमा के लिए गृह मंत्रालय ने संस्तुति दी है.