मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट में पेश हुए लालू के बेटी-दामाद, 4 जून को होगी अगली सुनवाई

मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव की बेटी मीसा भारती और दामाद शैलेश कुमार सोमवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए. मीसा भारती और दामाद शैलेश कुमार पर ईडी की तरफ से आरोप है कि उन्होंने सुरेंद्र जैन और वीरेंद्र जैन की शेल कंपनियों के माध्यम से अपने काले धन को सफेद किया. सोमवार को कोर्ट की सुनवाई तकरीबन आधे घंटे तक चली, जिसमें सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र कुमार जैन भी कोर्ट में पेश हुए.

स्पेशल सीबीआई जज अरविंद कुमार ने इस मामले के एक और आरोपी संतोष झा का प्रोडक्शन वारेंट जारी कर दिया है. संतोष झा फिलहाल रांची जेल में बंद हैं. संतोष झा पर भी ईडी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने काले धन को सफेद किया है. ईडी ने कोर्ट से कहा कि अगर किसी आरोपी को किसी प्रकार का संशय है तो डॉक्यूमेंट ले सकता है. कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई अब 4 जून को होगी.

मीसा और शैलेश को सशर्त मिली थी जमानत

बता दें कि इससे पहले 8000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मीसा और उनके पति शैलेश कुमार को 5 मार्च को पटियाला हाउस कोट की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने जमानत दे दी थी. हालांकि जमानत का ईडी ने विरोध किया था. पटियाला हाउस कोर्ट ने बाकी और आरोपियों को मिली जमानत को ही आधार बनाते हुए मीसा यादव और उनके पति शैलेश कुमार को 2 लाख के मुचलके पर जमानत दी थी. ज़मानत देते वक्त कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया था कि वह विदेश जाने से पहले कोर्ट को सूचित करेंगे और इसकी इजाजत लेंगे.

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि पिछले साल मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार और उनकी कंपनी मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स को समन जारी किया गया था. ईडी ने आठ हजार करोड़ के मनी लांड्रिंग मामले में मीसा भारती और उनके पति का दिल्ली के बिजवासन स्थित फार्म हाउस अस्थायी तौर पर जब्त कर लिया था. इसे मीसा की कंपनी मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स के नाम पर 1.2 करोड़ रुपये में लिया गया था. ये कीमत बाजार भाव से बेहद कम थी. इस मामले में एजेंसी ने सुरेंद्र और वीरेंद्र जैन नाम के व्यवसायी भाईयों को आरोपी बनाया है. उनपर शेल कंपनियां बनाकर हजारों करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग करने का आरोप है.