महिला अपराधों पर दिल्ली सरकार का आदेश, एक माह में पूरी हो फोरेंसिक जांच

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दिल्ली सरकार ने महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की तेजी से बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इस तरह के मामलों में फोरेंसिक जांच एक महीने के भीतर पूरी कराने के आदेश दिए हैं. दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने प्रधान सचिव (गृह) मनोज परीडा को दिए अपने आदेश में उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा है कि मुकदमा जल्द से जल्द पूरा करने के लिए इस तरह के मामलों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए.

हर महीने शासन को देनी होगी फोरेंसिक जांचों की रिपोर्ट

दिल्ली सरकार ने कठुआ और उन्नाव में हुई बलात्कार की घटनाओं को लेकर देश भर में पैदा हुए व्यापक आक्रोश के बीच यह कदम उठाया.

गृह मंत्री ने आदेश में कहा, ‘महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध के जो मामले दर्ज होते हैं और जिन मामलों में फोरेंसिक जांच की जरूरत होती है, उनकी जांच एक महीने के भीतर हर हाल में पूरी होनी चाहिए. साथ ही हर महीने रिपोर्ट जमा कर यह भी बताना होगा कि कितने केस फोरेंसिक जांच के लिए आए और उनकी क्या स्थिति रही है. बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत दर्ज होने वाले मामले भी इस आदेश के दायरे में आएंगे’.

आदेश में कहा गया, ‘तदनुसार कृपया सुनिश्चित करें कि इस तरह के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और फॉरेंसिक जांच एक महीने के भीतर पूरी हो जाए.’

आईपीसी, सीआरपीसी में संशोधन को तैयार होगा विधेयक

एक अधिकारी ने कहा कि सरकार इस समय उन लंबित मामलों की संख्या पता कर रही है जिनमें फॉरेंसिक जांच अब तक पूरी नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि सरकार का गृह विभाग आईपीसी और सीआरपीसी में संशोधन के लिए एक प्रस्तावित विधेयक तैयार करने पर काम कर रहा है.

‘रेप रोको अभियान’ के लिए हड़ताल पर बैठी हैं महिला आयोग अध्यक्ष

गौरतलब है कि दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल, हाल ही में हुए कठुआ और उन्नाव रेप मामले में जल्द से जल्द इंसाफ और दोषियों को मौत की सजा की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से राजघाट पर अनिश्चिलकालिन भूख हड़ताल पर बैठी हैं. स्वाति की मांग है कि कानून में सुधार कर रेप आरोपियों को छह महीने के भीतर फांसी की सज़ा का प्रावधान बनाया जाए. साथ ही स्वाति मालीवाल अपने द्वारा चलाए जा रहे ‘रेप रोको अभियान’ के तहत बच्चों के साथ रेप करने वालों के खिलाफ कार्रवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की भी मांग कर रहीं हैं. बतौर सज़ा, स्वाती बच्चों  से दुष्कर्म करने वालों को उम्रकैद और दुष्कर्म के बाद हत्या करने वालों को फांसी दीए जाने की भी मांग कर रहीं हैं.


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