मार्क जकरबर्ग का केजरीवाल स्‍टाइल: पहले गलती, फिर माफी

इन द‍िनों दो लोग हर जगह सॉरी कहते द‍िखाई दे रहे हैं. एक द‍िल्‍ली के सीएम अरव‍िंद केजरीवाल तो दूसरे फेसबुक के सीइओ मार्क जकरबर्ग. फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग डेटा लीक केस में अमेरिकी कांग्रेस के सामने मंगलवार को पेश हुए और माफी मांगी. केजरीवाल भी मानहान‍ि के मामलों में कई विपक्षी नेताओं से लगातार माफी मांग रहे हैं.

ऐसे में गलती करके मार्क जकरबर्ग के माफी मांगने की तुलना केजरीवाल स्‍टाइल से की जा रही है. आइए जानते हैं कब-कब मार्क जकरबर्ग ने मांगी माफी.

कबूली गलती

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की मदद करने वाली एक फर्म ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ पर लगभग 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स के निजी जानकारी चुराने का आरोप लगा है. डेटा लीक के आरोप लगने के बाद से फेसबुक के मार्क जकरबर्ग भी इस मामले में कई देशों के संसद और कानून के न‍िशाने पर हैं. ऐसे में इस मामले के बाहर आने के बाद सबसे पहले मार्क ने फेसबुक पर पोस्ट के जरिए सफाई दी थी. 21 मार्च के उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि कंपनी ने इस मामले में अभी तक कई कदम उठाए हैं और आगे भी कड़े कदम उठा सकती है. जकरबर्ग ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के मामले में अपनी गलती कबूली थी.

इसके बाद कुछ द‍िनों में मार्क जकरबर्ग की ओर से और कुछ पोस्‍ट आए, जिसमें गलती स्‍वीकार करते हुए फेसबुक की ओर से डेटा को और सुरक्षित बनाने का वादा किया गया.

सॉरी बोलकर भी माफी मांगने से बचते रहे जकरबर्ग

जकरबर्ग ने सीएनएन को इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने कई ऐसी बाते कहीं हैं जिससे ऐसा लगा है क‍ि ऐसे मामले सुलझाने आसान नहीं हैं. इस इंटरव्यू को पूरा देखने के बाद ऐसा लगता है सॉरी बोलने के बावजूद भी जकरबर्ग माफी मांगने में नाकामयाब रहे हैं . उन्होंने इंटरव्यू के दौरान यह माना था कि फेसबुक की तरफ से गलती हुई है और इसे काफी पहले ही ठीक करना चाहिए था. मार्क जकरबर्ग ने यहां तक कहा कि हमारे पास यूजर डेटा को बचाने की जिम्मेदारी है और अगर हम ऐसा नहीं कर सकते तो हम आपके (यूजर्स) के लायक नहीं हैं.

मार्क जकरबर्ग ने सॉरी कहा था और यह भी कहा कि कंपनी ने ऐप डेवेलपर्स को अपनी पुरानी वेबसाइट से ज्यादा यूजर्स डेटा देकर बड़ी गलती की है. उनका मानना है कि कैम्ब्रिज ऐनालिटिका जैसी कंपनी पर आंख बंद करके भरोसा करना भी एक गलती थी.

ब्र‍िटेन के अखबारों में विज्ञापन देकर मांगी माफी

डेटा लीक मामले में आलोचना का सामना कर रहे फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने एक बार फिर माफी मांगी थी. जकरबर्ग ने ब्रिटेन के सभी अखबारों में पूरे पन्ने का विज्ञापन निकाल माफी मांगी. विज्ञापन में जकरबर्ग ने लिखा है कि आपकी जानकारी को संभाल कर रखना हमारी जिम्मेदारी है, अगर हम उस जिम्मेदारी को नहीं निभा पाते हैं तो हम आपकी सेवा के लायक नहीं हैं. जकरबर्ग की तरफ से ये विज्ञापन ब्रिटेन के सभी अखबारों के संडे एडिशन में दिया गया है. ब्रिटेन के अलावा कई अमेरिकी अखबारों में भी जकरबर्ग का माफीनामा छपा है.

मार्क जकरबर्ग ने विज्ञापन में लिखा कि एक यूनिवर्सिटी रिसर्चर के द्वारा एक एप्लिकेशन बनाई गई, जिसके जरिए फेसबुक के कई यूजर्स का डेटा चोरी हुआ. ये लोगों के विश्वास के साथ धोखा था, इस समय आप सभी से माफी मांगने के अलावा मैं कुछ नहीं कर सकता. लेकिन हम लगातार एक्शन ले रहे हैं और हमारी कोशिश है कि आगे से ऐसा कभी ना हो.

सीनेट में पेश होने से पहले माफीनामा जारी हुआ

अमेरिकी कांग्रेस में पेश होने से पहले मार्क जकरबर्ग ने सिनेटरों से मुलाकात की थी. साथ ही डेटा लीक मामले में माफीनामा भी जारी किया. इस माफीनामे को यूएस हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमिटी ने जारी किया है. सोमवार को कांग्रेस के लिए जारी लिखित बयान में फेसबुक सीईओ ने माफी मांगी थी कि इस सोशल मीडिया नेटवर्क ने डेटा मिसयूज को रोकने लिए ज्यादा कुछ नहीं किया.

फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने माफीनामे में कहा था कि उन्होंने फेसबुक की शुरुआत की, वह उसे चला रहे हैं और वहां जो कुछ भी होता है, उसके लिए वह जिम्मेदार हैं. साथ ही मार्क ने कहा कि फेसबुक डेटा को सुरक्ष‍ित करने के लिए और ज्यादा निवेश करेगा और इससे फेसबुक आगे भी बढ़ेगा, ऐसा उन्हें पूरा विश्वास है. फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने अपने माफीनामे में जिक्र किया है कि विज्ञापनदाता और डेवलपर्स कभी भी फेसबुक के लोगों से कनेक्ट करने के मिशन से ऊपर नहीं होगा.

कांग्रेस में स्‍वीकार की गलती, मांगी माफी

बीती रात फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश हुए और उन्होंने ढेरों सवालों के जवाब दिए. इस दौरान US सीनेटर्स ने उनसे कई तीखे सवाल पूछे. पूछताछ के दौरान एक बार फिर मार्क जकरबर्ग ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. जकरबर्ग पहले भी उपयोगकर्ताओं और जनता से कई बार माफी मांग चुके हैं लेकिन यह उनके करियर में पहली बार है जब वह कांग्रेस के सामने उपस्थित हुए हैं. सुनवाई में जकरबर्ग ने अपनी कंपनी में लोगों का भरोसा बहाल करने का प्रयास किया.

उन्होंने कहा , ‘हमने अपनी जिम्मेदारियों पर पर्याप्त रूप से बड़ा नजरिया नहीं अपनाया और यह बड़ी भूल थी.’’ जकरबर्ग ने कहा कि यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है, मैंने फेसबुक शुरू किया , मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं. इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है.’ इस दौरान 44 सेनेटर्स ने उनसे बारी बारी से सवाल पूछे. सभी सवालों के जवाब के लि‍ए 5 मिनट दिए गए थे. ये सुनवाई करीब 5 घंटे तक चली.

भवि‍ष्‍य में भी मांग सकते हैं माफी

केजरीवाल द्वारा मजीठ‍िया, अरुण जेटली, गडकरी आद‍ि कई लोगों से माफी मांगने के बाद मानहान‍ि के कई केस खत्‍म होने वाले हैं. हालांक‍ि फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है.

ब्रुसेल्स में यूरोपियन यूनियन के प्रवक्ता से भी नई जानकारी मिली है कि यूरोपियन यूनियन के 2.7 मिलियन यूजर्स को इस डेटा स्कैंडल ने प्रभावित किया है. फेसबुक ने इस बात की पूष्टि की है. साथ ही ब्र‍िटेन के संसद में भी मार्क जकरबर्ग को सवाल जवाब करने के लिए बुलाने की बात कही जा रही है. भारत के आईटी मंत्री रव‍िशंकर प्रसाद ने भी कहा था क‍ि अगर डेटा लीक केस में फेसबुक के खि‍लाफ सबूत म‍िलते हैं तो मार्क जकरबर्ग को समन कि‍या जा सकता है. ऐसे में भारत, ब्र‍िटेन और दूसरे यूरोप‍ियन देश मार्क जकरबर्ग को समन कर सकते हैं और वे माफी मांगते द‍िख  सकते हैं.

दूसरे मामलों में मांग चुके हैं माफी

अक्‍टूबर 2017 की शुरुआत में फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने इस सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म के नकारात्मक प्रभावों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी. उन्होंने कहा, इसका इस्तेमाल लोगों को एकजुट करने के बजाए उनमें फूट डालने के लिए किया गया, जिसके लिए उन्हें माफ कर दिया जाए.

उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, इस वर्ष मैंने जिन्हें भी ठेस पहुंचाई है, मैं उनसे माफी मांगता हूं साथ ही इसे और बेहतर बनने की कोशिश करूंगा. जिस तरह मेरे काम का इस्तेमाल लोगों में फूट डालने के लिए किया गया, उसके लिए मैं माफी चाहता हूं, मैं बेहतर काम करने की कोशिश करूंगा.

न्‍यूजफीड के लॉन्‍च पर मांगी थी माफी

फेसबुक ने जब newsfeed फीचर शुरू किया था तो कई लोगों को यह उनके प्राइवेसी में दखल लगा. इस पर मार्क जकरबर्ग ने पोस्‍ट ल‍िखकर माफी मांगी और कहा क‍ि यह उनकी तरफ से बड़ी गलती थी, लोगों को इसकी जानकारी एडवांस में दी जानी चाहिए थी.

बिकन लॉन्‍च पर भी बोला था सॉरी

यूजर्स की पूरे वेब पर एक्‍ट‍िव‍िटी ट्रैक करने के लि‍ए फेसबुक ने Beacons बनाया था. इस फीचर में सभी को उनकी इजाजत के बगैर जोड़ ल‍िया गया था. मार्क जकरबर्ग ने इसके लिए भी माफी मांगी. फेसबुक ने 2009 में Beacons को बाय बाय कह द‍िया.

प्राइवेसी मसले पर फेडरल ट्रेड कम‍िशन का चार्ज लगने पर

2011 में फेसबुक पर यूजर्स को प्राइवेसी को लेकर धोखे में रखने का आरोप लगा था. इस पर फेसबुक के सीईओ ने सीधे नहीं माफी मांगी थी लेकिन अपनी गलती स्‍वीकार करते हुए फेसबुक पोस्‍ट जरूर क‍िया था.

रोह‍िंग्‍या मामले पर एनजीओ से मांगी माफी

म्‍यांमार के रोह‍िंग्‍या मामले पर गलत और ह‍िंसा से भरे वायरल फोटो शेयर हो रहे थे. ऐसे में फेसबुक ने अपने उन्‍हें हटाते हुए अपने सिस्‍टम को बेस्‍ट बताते हुए क्र‍ेड‍िट ल‍िया था, हालांक‍ि बाद में मार्क जकरबर्ग ने उस एनजीओ से माफी मांगी. इसके बाद पता चला था क‍ि एनजीओ द्वारा मामले की जानकारी देने के बाद ही फेसबुक हरकत में आया था.