मुंबई कोर्ट ने हिट एंड रन केस में सलमान का जमानती वारंट किया रद्द

सलमान खान के लिए मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. 2002 के हिट एंड रन केस में मुंबई के सत्र न्यायालय ने सलमान का जमानती वारंट रद्द कर दिया है. दिसंबर, 2015 ने बॉम्बे हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सलमान को इस केस से बरी कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

क्या है मामला:

28 सितंबर 2002 को सलमान ने नशे की हालत में अपनी लैंड क्रूजर कार से फुटपाथ पर सो रहे 5 लोगों को कुचल दिया था. जिनमें से एक शख्स की मौत भी हो गई थी. उस वक्त सेशन कोर्ट ने हिट एंड रन केस में सलमान को 5 साल की सजा सुनाई थी. इस घटना ने सलमान की जिंदगी में भूचाल ला दिया था. वह बचाव की हर मुमकिन कोशिश करते रहे. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

बरी हुए सलमान:

10 दिसंबर 2015 को हाईकोर्ट ने हिट एंड रन केस में सलमान को बड़ी राहत दी थी. कोर्ट ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था. सलमान को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि घटना के दौरान ना तो सलमान के नशे में होने के और ना ही लैंड क्रूजर कार चलाने के सबूत मिले. जिसके चलते बॉम्बे हाईकोर्ट ने हिट एंड रन केस में सलमान को तमाम आरोपों से बरी करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया था.

महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

हिट एंड रन केस में सलमान हाईकोर्ट से बरी हो गए थे. लेकिन मुश्किलें खत्म नहीं हुई थी. क्योंकि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर फैसला आना अभी बाकी है. इस मामले पर अभी तक संशय बना हुआ कि देश की सबसे बड़ी अदालत क्या फैसला लेगी.

काला हिरण शिकार मामले में भी हुई सजा:

हाल ही में काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट ने सलमान को 5 साल की सजा सुनाई है. दो दिन जोधपुर सेंट्रल जेल में बिताने के बाद सलमान अभी जमानत पर बाहर हैं.