मैं चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना – वैष्णो खत्री ‘ वेदिका ‘

मैं चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना

कुछ दिन मित्रों व रिश्तेदारों के साथ
बात न करके फोन पर बात करोना
मैं चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना

कुछ दिन बाहर घूमने मत जाओ तुम
स्थिति सामान्य होगी इंतज़ार करोना
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना

मौत जाति, धर्म, क्षेत्र एवं उम्र न पूछे।
सब पर है आ सकती परवाह करोना।
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना।

तुलसी, गिलोय होती है जीवनी शक्ति।
इन सबका का काढ़े में प्रयोग करोना।
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना।

कपूर, जावित्री, इलायची है काम की।
इसकी पोटली सूँघने का कार्य करोना।
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना।

भारतीय संस्कृति है पूरे जग में महान।
दूरसे ही तुम सबको नमस्कार करोना।
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना।

वर्षों से कहा ऋषियों ने करो तुम योग।
इसका निज जीवन में उपयोग करोना।
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना।

पूरे देश की शान हैं हमारे चिकित्सक।
नर्स व अन्य स्टाफ का सेल्यूट करोना।
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना।

माना सबसे मेल-मिलाप बड़े काम का।
इस कल्चर का विरोध अब तो करोना।
तो चली जाऊँगी मेरा विश्वास करोना।

वैष्णो खत्री ‘ वेदिका ‘