मोटे शरीर को सताते कई रोग

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Fat woman

(फहमीना)
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है
कि मोटापा आने से जीवन में पाबंदियों
और परेशानियों के बढ़ जाने से जीवन
की खुशियों में कमी आने लगती है
और यही नहीं मोटापे से युक्त बेडौल
शरीर अनेक बीमारियों को निमंत्रण
देता है। यह सच ही है मोटे और
थुलथुल शरीर की एक ओर तो लोग
हंसी उड़ाते हैं वही दूसरी और यह
अनेक रोगों की जड़ भी होता है।
मोटापे से ग्रस्त स्त्री, पुरुष अन्य कई
शारीरिक समस्याओं से घिर जाते हैं
जैसेः
’ मोटापे से पीडि़त व्यक्ति के रक्त
संचार में बाधा पहंुचती है। इस के
साथ ही खतरा बढ़ जाता है हाई
ब्लडप्रेशर, हार्ट अटैक जैसी कई अन्य
जानलेवा बीमारियों का।
खून की नलिकाओं में कैल्शियम
व वसा की परत चढ़ जाती है जिससे
वे संकरी हो जाती हैं। इसी वजह से
रक्त सामान्य रूप से नलिकाओं में
नहीं बह पाता। मोटे व्यक्ति के रक्त
संचार में रुकावट पैदा होती है।
’ ज्यादा मोटापा होने पर आदमी
अगर थोड़ा सा भी काम करे तो वह
हांफने लगता है अर्थात उसकी सांस
फूलने लगती है, साथ ही वेरीकोस
वेंस (शिराओं की अवरुद्ध होकर फूल
जाना) हार्निया, श्वसन तंत्र का संक्रमण
जैसी बीमारियां भी मोटे व्यक्ति को आ
घेरती हैं। जिसके कारण मोटा व्यक्ति
पराश्रित हो जाता है।
’ मोटापा मधुमेह रोग के लिए
खुला निमंत्रण होता है।
’ मोटे व्यक्ति मोटापे के बुरे प्रभाव
को अच्छी तरह जानते हैं
इसीलिए वे भीतर से काफी डरे
हुए व हीनभावना का शिकार
होते हैं।
’ मोटापे को दूर करने के
लिए कई प्रकार की दवाओं का
इस्तेमाल किया जाता है। आइए
इनके बारे में जानें।
एंफीटामीन- इस दवा का
इस्तेमाल आजकल कम होता
जा रहा है क्योंकि यह दवा
दिमाग में ज्यादा उत्तेजना पैदा
कर देती है। और इससे भूख
भी बहुत कम ही घटती है
जबकि चिकित्सक ज्यादा भूख
घटाने की आशा करते हैं।
सीरोटोनीनार्जेक दवाएं- जैसे
डेक्सफेन लोरेमीन, फेन लोरेमीन आदि।
इन दवाओं का इस्तेमाल उस स्थिति
में किया जाता है जब कि वजन बहुत
तेजी से कम करना हो। जैसे हाई
ब्लडप्रेशर या मधुमेह में ये दवाएं भूख
घटाने की जगह व्यक्ति की तृप्ति का
अहसास देती है।
कोलीसिस्टो काननीन दवाइंया-
इस प्रकार की दवाएं भूख को शांत
करती हैं। इन सबके अलावा आंतों के
लाइपेस एंजाइम को निष्क्रिय करने
वाली दवाओं का इस्तेमाल भी किया
जाता है दवा, गोली, व्यायाम के
साथ-साथ मोटापा कम करने के लिए
आपरेशन भी एक आधुनिक चिकित्सा
पद्धति है। इसके अन्तर्गत दो प्रकार से
मोटापे को दूर किया जाता है। एक में
अमाशय का आकार कम कर दिया
जाता है। और दूसरे में, छोटी आंत की
बाईपास सर्जरी करके मोटापे को दूर
किया जाता है। मोटापे की वजह कम
से कम श्रम करने वाली आधुनिक
जीवन शैली है, ऐसा चिकित्सा विशेषज्ञ
मानते हैं। यह ज्यादातर मध्य आयु
वर्ग में शुरू होता है। पर यह जरूरी
नहीं कि यह मध्य आयु वर्ग में ही हो,
यह किसी भी आयु वर्ग में शुरू हो
सकता है। मोटापा एक वंशानुगत रोग
होता है। इसलिए जिन के परिवार में
कोई भी मोटापे से भूतकाल या
वर्तमान में परेशान हो तो उनको
इसके लिए सावधानी बरतनी
चाहिए।
स्टीयरायड्स इंसुलिन और
गर्भनिरोधक गोलियां आदि कुछ
दवाएं भी मोटापे की वजह बन
सकती हैं। कुछ बीमारियों के
कारण मोटापा होता है जैसे
थायरायड ग्रंथि का कम काम
करना (हाइपो थायरायडिज्म),
पिट्यूटरी ग्रंथि का कम काम
करना, (हाइपो पिट्यूटरिज्म),
कशिंग सिंड्रोम (एड्रीनल ग्रंथि
का अधिक काम करना),
हाइपोगोने डिज्म (सेक्स ग्रंथियों
का कम काम करना) इत्यादि।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है
कि हर एक ग्राम वसा से 9 कैलोरी
ऊर्जा का उत्पादन होता है और उनका
कहना है कि हमें हर रोज 800घ्1600
कैलोरी का ही भोजन ग्रहण करना
चाहिए। चिकित्सकों के अनुसार शराब
पीने वालों को तो शराब का सेवन
बिल्कुल कम कर देना चाहिए क्योंकि
30 सीसी व्हिस्की में पानी मिला कर
पीने से 70 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती
है।
किसी भी व्यक्ति को कितनी ऊर्जा
(कैलोरी) की आवश्यकता होती है, यह
जानना हमारे लिए आवश्यक है। एक
वयस्क पुरुष को 2600 एवं वयस्क
स्त्री को 2100 कैलोरी की आवश्यकता
होती है।
एक आराम की जिंदगी जीने वाली
स्त्री को 2000 और पुरुष को 2400
कैलोरी की जरूरत पड़ती है। मध्यमश्रमी
पुरूष को 2600, अधिक परिश्रमी पुरुष
को 3500 और कठोर परिश्रम करने
वाले पुरुष को 4100 कैलोरी आवश्यक
होती है।
आप कितने मोटे हैं इसका अनुमान
आप अपने वजन को देखकर लगा
सकते है उदाहरण के लिए यदि आप
की ऊंचाई 165 सेंटीमीटर है तो 45
किलोग्राम आपके लिए कम वजन,
56-70 किलोग्राम सामान्य वजन है
और यदि आप का वजन 85 किलोग्राम
है तो आप मोटे हैं और अगर आप का
वजन 113 किलोग्राम है तो आप ज्यादा
मोटे हैं। अगर आप मोटे हैं तो 0.5 से
1 किलोग्राम भार प्रतिमाह कम करने
की ठान लें। इसके लिए व्यायाम करना
काफी हद तक लाभप्रद होता है। क्योंकि
इससे हमारी ऊर्जा की खपत होती है।
कड़े परिश्रम के समय 10 किलो कैलोरी
खेलकूद और साइकिल चलाते समय
7 किलो कैलोरी तथा टहलते समय 5
किलो कैलोरी ऊर्जा प्रति मिनट खर्च
होती है। मोटापा एक ऐसी चीज है
जिसके कारण आप दूसरों के द्वारा
उपहास का केन्द्र बन सकते हैं अतः
हमें अपनी सेहत का ख्याल रखना
चाहिए। खान पान की अच्छी आदतों
का पालन करना चाहिए। तली हुई
चीजों से परहेज करना चाहिए। क्योंकि
इनसे कोलेस्टोल की मात्रा बढ़ती है।
रोजाना व्यायाम व खेलकूद से भी
शरीर चुस्त दुरुस्त रहता है।मोटापा
शुरू होते ही किसी विशेषज्ञ चिकित्सक
की सलाह लें। इसे बिल्कुल भी साधारण
तौर पर न लें। क्योंकि याद रखें जितना
ज्यादा मोटापा होगा उतने ही कम
जिन्दगी के दिन होंगे।

 


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