यूपी राज्‍यसभा चुनाव हुआ दिलचस्‍प: 10 सीटों पर 14 उम्‍मीदवार मैदान में, नरेश अग्रवाल बिगाड़ सकते हैं सपा-बसपा का ‘खेल’

नई दिल्ली: उत्‍तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों के लिए हो रहे चुनाव में 14 उम्‍मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जिससे यूपी का राज्‍यसभा का चुनाव रोचक हो गया है. इसमें 11 उम्‍मीदवार बीजेपी के है, जबकि बसपा से भीवराव अंबेडकर और जनसंघ से महेश शर्मा ने भी नामांकन दाखिल किया है. वहीं समाजवादी पार्टी से जया बच्‍चन ने नामांकन दाखिल किया है. राज्यसभा की दस सीटों के लिए हो रहे चुनाव में बीजेपी की आठ और सपा की एक सीट पक्की है, लेकिन दसवीं सीट के लिए भाजपा की दावेदारी ने पहले के समीकरण ध्वस्त कर दिए हैं. राज्‍यसभा के लिए नामांकन के दाखिल करने के आखिरी दिन विधानभवन के सेंट्रल हाल में सबसे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली नामांकन दाखिल करने पहुंचे. सोमवार को जनसंघ के उम्मीदवार महेश चंद्र शर्मा ने पर्चा भरा. बीजेपी के डॉ. अनिल जैन, अशोक वाजपेयी, कांता कर्दम, विजय पाल सिंह तोमर, डॉ. हरनाथ सिंह यादव, सकलदीप राजभर और जीवीएल नरसिम्हा राव ने भी नामांकन दाखिल किया. वहीं बसपा उम्‍मीदवार भीम राव अम्बेडकर ने एक बार से अपना अपना पर्चा भरा.
यूपी राज्‍यसभा चुनाव से जुड़ी 10 बातें
  1. बीजेपी के कहना है कि उसके 11 उम्‍मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है लेकिन चुनाव में नौ ही रहेंगे और दो के नाम वापस लिए जाएंगे.
  2. एक राज्‍यसभा सीट पर जीत के लिए औसत 37 विधायकों के वोट की जरूरत है.
  3. आठ सीटों पर वोट करने के बाद बीजेपी के पास अतिरिक्त 28 विधायकों के मत बच रहे हैं और उसे जीत के लिए नौ और मतों की जरूरत होगी.
  4. बीजेपी के पास 311 विधायक हैं. बिजनौर के नूरपुर के विधायक लोकेंद्र सिंह के निधन से एक संख्या घटी है.
  5. वहीं बीजेपी सदन में निर्दलीय रघुराज प्रताप सिंह और अमन मणि त्रिपाठी तथा निषाद के विजय मिश्र के वोटों पर अपना दावा करती है.
  6. विधानसभा में सहयोगी दलों को मिलाकर बीजेपी के पास 324 विधायकों का समर्थन हासिल है.
  7. जया बच्चन के मत आवंटित करने के बाद समाजवादी पार्टी के पास दस वोट बच रहे हैं. बसपा के 19, सपा के दस, कांग्रेस के सात और रालोद के एक वोट को मिलाकर कुल 37 हो रहे हैं. जो जीत के आंकड़े के बराबर हैं.
  8. सपा सांसद नरेश अग्रवाल के बीजेपी में शामिल होने के बाद से समीकरण बदल गए हैं. सपा महासचिव रहे नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल सपा के विधायक हैं. ऐसे में नितिन अग्रवाल बीजेपी को समर्थन दे सकते हैं.
  9. 2016 के विधान परिषद और राज्यसभा के चुनाव में भी बीजेपी ने विपक्ष के वोटों पर सेंध लगाई थी. ऐसे में सपा, बसपा और कांग्रेस के विधायक अगर क्रॉस वोटिंग करते हैं तो नौवीं सीट पर बीजेपी चुनाव जीत सकती है.
  10. बीजेपी ने निर्दलीय उम्‍मीदवार अनिल अग्रवाल को समर्थन देने की घोषणा की है. वहीं बीजेपी की तरफ से सलिल विश्नोई और विद्यासागर सोनकर ने नामांकन दाखिल किया है जबकि इनके नाम की घोषणा पहले नहीं हुई थी.