रमजान में आतंक पर सीजफायर क्यों? राजनाथ ने ये दिया जवाब

मोदी सरकार के कार्यकाल के बीते चार साल के काम पर बात करते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने रमजान के महीने में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन नहीं चलाने का फैसला इसलिए किया है कि ये पावन महीना ठीक से बीत जाए.

‘पंचायत आजतक’ कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के बाद से पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है, लेकिन हमारी सेना उनका मुंहतोड़ जवाब दे रही है. क्या पाकिस्तान सबक सीख रहा है इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाक ने सबक तो नहीं सीखा है लेकिन हालात ऐसे ही रहे तो भवीष्य में वो सबक जरूर सीखेगा. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाक आतंकवाद को पनाह देने की जगह के रूप में उजागर हुआ है.

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार हो रही गोलीबारी और सरकार द्वारा रमजान के महीने में सीजफायर के फैसले के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फैसला बहुत सोच समझकर किया है. राजनाथ ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि कश्मीर भी हमारा है. कश्मीरी भी हमारे हैं. रमजान का पावन महीना बिना किसी लोकल व्यक्ति की मौत के ठीक तरह से बीत जाए इसलिए हमने यह फैसला लिया है.’

राजनाथ ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि आतंकी सेना पर हमला करेंगे तो सेना के जवान हाथ बांधकर बैठे रहेंगे. आज ही 5 आतंकवादी मारे गए हैं. यह जरूरी नहीं कि आपके हर कार्यक्रम और कदम का आतंकी समर्थन करेंगे. बिडंबना ये है कि हमारे इस फैसले के बाद पाकिस्तान को जैसा आचरण दिखाना चाहिए था वैसा आचरण वहां से दिखा नहीं. भारत में रह रहे पाकिस्तानी मुस्लिम लोगों की उम्मीद भी पाकिस्तान ने तोड़ दिया है. उन्हें उम्मीद थी कि भारत के इस फैसले के बाद पाकिस्तान भी ऐसा ही आचरण दिखाएगा लेकिन लगातार गोलीबारी कर उन्होंने अपने देश के लोगों की उम्मीदों को भी तोड़ दिया है.’

केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार के कार्यकाल के चार साल पूरे होने पर शनिवार 26 मई को पंचायत बुलाई है. आजतक के इस मंच पर केंद्र सरकार के वरिष्ठतम मंत्रियों समेत विपक्ष के कई बड़े नेता हिस्सा ले रहे हैं. नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में दिनभर चलने वाली इस पंचायत में मोदी सरकार के मंत्री अपना-अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे.