राजस्थान: होटल में चल रहा था आश्रम, आजाद कराई गईं 76 बच्चियां

राजस्थान के राजसमंद में आध्यात्म के नाम पर एक होटल में कैद कर रखी गई करीब 76 लड़कियों और 10 महिलाओं को पुलिस ने मुक्त कर बालिका गृह में भेजा है. एक छोटे शहर में संदिग्ध रूप से इतनी सारी लड़कियों के बरामद होने से हड़कंप मच गया है. पुलिस ने बाल कल्याण समिति की शिकायत पर होटल में छापा मारा था.

बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेन्द्र सिंह ने बताया कि मुखबीर से सूचना मिली थी की राजनगर रोड स्थित राजमहल होटल में पिछले 20 दिनों से 100 नाबालिग बच्चियां ठहरी हुई हैं. इस दौरान होटल मालिक ने छत और बालकनियों मे टीन शेड लगवाए थे, ताकि लोगों की नजर इन बच्चियों पर नहीं पड़ सके. समिति ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.

बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन के सहयोग से पुलिस ने होटल में छापा मारा. इस दौरान होटल मालिक ने करीब एक घंटे तक दरवाजा नहीं खोला. पुलिस को भी अंदर नहीं जाने दिया गया. किसी तरह टीम होटल के अंदर पहुंची. वहां मौजूद बच्चियों से पूछताछ की तो पता चला कि कई लड़कियां नाबालिग हैं. इन्हें अलग-अलग राज्यों से लाया गया है.

अधिकतर लड़कियां नेपाल, छत्तीसगढ, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से हैं. इनकी उम्र 12 से 17 साल की है. कई बच्चियों के माता-पिता नहीं होने की बात सामने आई है, जबकि कुछ के माता-पिता द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान के लिए भेजने की बात कही है, लेकिन इसका कोई अधिकृत दस्तावेज नहीं है. परिवार के बारे में भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया.

इस पर समिति ने जेजे एक्ट 2015 के तहत केस बनाया और पुलिस ने सभी बच्चियों को सुरक्षित निकालकर समिति के सुपुर्द कर दिया. शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन किसी से भी स्कूल संचालित करने की अनुमति इनके पास नहीं है. इसी बीच सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. बच्चियों की पहचान छुपाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.

बाल कल्याण समिति के सदस्यों द्वारा लड़कियों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर वह किसके साथ यहां पर पहुंची हैं. इनको जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मजिस्ट्रेट के सामने भी पेश किया गया. पुलिस जांच में जुटी है कि इन लड़कियों का किसी आश्रम या संस्थान से कोई संबंध है या नहीं. समिति के सदस्य लड़कियों की काउंसलिंग कर रहे हैं.