राबड़ी ने नीतीश से पूछा- किसके कहने पर सुरक्षा ली थी वापस?

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड पर उनकी सुरक्षा वापस बहाल होने के बाद भी उनका परिवार सुरक्षा लेने से इंकार कर रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत उनके दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप यादव ने नीतीश कुमार सरकार द्वारा बहाल की गई सुरक्षा को अपने आवास से वापस भेज दिया.

गौरतलब है दो-तीन दिन पहले पुलिस मुख्यालय ने लालू प्रसाद को प्रदान की गई सुरक्षा को वापस ले लिया था . इसके बाद से ही लालू परिवार काफी नाराज था और विरोध में उन्होंने अपनी सुरक्षा को लौटा दी थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए लालू के घर पर सुरक्षा वापस बहाल कर दी, लेकिन राबड़ी देवी का कहना है कि वह यह सुरक्षा वापस नहीं लेंगी जब तक मुख्यमंत्री उन्हें यह नहीं बताते हैं कि किसके कहने पर लालू की सुरक्षा की कमी की गई थी?

सुरक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच शुक्रवार को राबड़ी देवी अपने दोनों बेटों के साथ निजी गाड़ी में अपने घर से विधानसभा पहुंचे, जहां पर उन्होंने आगामी 23 अप्रैल को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए अपना परिचय भरा. इस दौरान राबड़ी, तेजस्वी और तेजप्रताप का  कोई सुरक्षाकर्मी उनके साथ नहीं था.

यह बात तो साफ़ है कि लालू परिवार ने सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया है. मगर सरकार कोई भी जोखिम उठाने को तैयार नहीं है और इसीलिए वह लालू परिवार का साए की तरह लगातार पीछा कर रही है. लालू के परिवार के सदस्य जहां कहीं भी जा रहे हैं और उन्हें सुरक्षा देने की पूरी कोशिश की जा रही है.

शुक्रवार को विधान परिषद में राबड़ी देवी अपने बेटों के साथ अपना पर्चा भरने के लिए पहुंची थीं तो सभी सुरक्षाकर्मी सौ मीटर की दूरी से परिवार पर नजर बनाए हुए थे.

‘आजतक’ से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव के सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी ने कहा कि पुलिस विभाग से निर्देश मिला है कि भले ही लालू परिवार सुरक्षा लेने से मना करे लेकिन उनके चारों तरफ हमेशा सुरक्षा का घेरा होना चाहिए.

राजनीति में शायद यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि देश के बड़े राजनेता उन्हें प्रदान की गई सुरक्षा को लेने से इनकार कर रहे हैं और सरकार है कि उनका पीछा कर उन्हें सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश कर रही है.