रेणु झा – गणतंत्र दिवस, संविधान– साप्ताहिक प्रतियोगिता

गणतंत्र दिवस यानी गण (लोगों) के द्वारा चलने वाला तंत्र।लोग प्रतिनिधि चुनते हैं,शासन वो चलाते हैं। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है।ये पर्व देश के अभिमान और गौरव का पर्व है। गणतंत्र दिवस पर हम उन स्वतंत्रता सेनानी को याद करते हैं जो देश की आजादी के लिए मिट गए। आजादी तो हमें 15 अगस्त 1947 को ही मिल गई थी।26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू किया गया जो विश्व का सबसे बड़ा संविधान है।लोग इसे संविधान दिवस के रूप में भी मनाते थे। डॉ भीमराव अम्बेडकर के मदद से संविधान तैयार किया गया और संविधान सभा के अध्यक्ष डाॅ राजेंद्र प्रसाद को सौंपा गया,जो हमारे स्वतंत्र देश के प्रथम राष्ट्रपति बने।
गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर परेड का आयोजन हुआ 1955 में,उस दिन राष्ट्रपति ने हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।परेड के वक्त एक ध्वनी बजाई गई जो आज भी बजाई जाती है ये सभी प्रथा आज भी कायम हैं। गणतंत्र दिवस पर हमारे प्रधानमंत्री “अमर जवान ज्योति”पर पुष्पमाला चढ़ाते हैं। शुरुआत से ही गणतंत्र दिवस पर विदेशी मेहमान जरूर होते हैं।कई वर्षों से गणतंत्र दिवस पर राष्ट्र की ओर से लोग सम्मानित होते हैं। इस दिन कई राज्यों की सुंदर मनोरम झांकियां हमें देखने को मिलती हैं। गणतंत्र दिवस हम भारतियों को हर्ष और हौसला देता है।